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सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अब सीनियर डॉक्टर ही बनेगा अधीक्षक

एक वर्ष पहले
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एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर समेत अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर व कोटा से जुड़े अस्पतालों में अब सीनियर डॉक्टर ही अधीक्षक बन सकेगा। अधीक्षक नहीं बनने की इच्छा होने पर उन्हें लिखित में देना पड़ेगा। यदि सीनियर डॉक्टर पद के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया तो वरिष्ठता में उसके बाद वाले डॉक्टर को यह जिम्मेदारी मिलेगी। चिकित्सा शिक्षा (ग्रुप-1) के शासन उप सचिव की अोर से इस संबंध में नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार अधीक्षक, अतिरिक्त अधीक्षक अौर उपाधीक्षक के पद पर दो बार के पूर्ण कार्यकाल के लिए नियुक्ति नहीं दी जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी अतिरिक्त निदेशक अौर संबंधित कॉलेज का प्राचार्य व नियंत्रक शामिल होगा। अादेश सरकारी, झालावाड़ मेडिकल सोसायटी, राजमेस अौर राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान िवश्वविद्यालय से जुड़े अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

हर शैक्षणिक अस्पताल में अधीक्षक की सहायता के िलए अतिरिक्त अधीक्षक या उपाधीक्षक की नियुक्ति होगी। इनके पदों की संख्या का निर्धारण चिकित्सालय के अौसत अाउटडोर व बैडेड की संख्या के अाधार पर तय होगा।

तीन साल के िलए दो बार ही िनयुक्त हो सकेंगे

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