लॉकडाउन में गुपचुप बिक रहीं मिठाइयां

Jodhpur News - कोरोना वायरस के चलते शहर में लॉकडाउन है, लेकिन भीतरी शहर में इसे लेकर गंभीरता नहीं दिख रही और वहां मिठाई दुकानों...

Apr 07, 2020, 08:21 AM IST

कोरोना वायरस के चलते शहर में लॉकडाउन है, लेकिन भीतरी शहर में इसे लेकर गंभीरता नहीं दिख रही और वहां मिठाई दुकानों के आसपास घरों से मिठाइयां बेची जा रही हैं। नगर निगम ने भीतरी शहर में जहां कोरोना के संक्रमण फैलने के खतरे को रोकने के लिए बाजार की तरफ खुलने वाली गलियों को अस्थाई रूप से बंद करवाने के आदेश जारी किया है, वहीं इसी बाजार के लोग व शहरवासी इसके प्रति लापरवाही दिखा रहे हैं। घरों से मिठाइयां बेचने की जानकारी मिलने पर दैनिक भास्कर टीम ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि दुकानें तो बंद है, लेकिन कुछ दुकानों के पास में लोग इन मिठाइयों की बिक्री कर रहे हैं।

केस2

सर्राफा बाजार से मिर्ची बाजार-पुंगलपाड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित मिठाई की एक दुकान के सामने गाड़ी रोकी। पास की गली से एक व्यक्ति दौड़ते हुए आया, पूछा क्या चाहिए, भाईसाहब? हमने कहा- मिठाई। उसने बताया कि गोंद गिरी के लड्डू और सोहन पपड़ी है, कहाे तो दे देता हूं। ऑर्डर करने पर वह गली में एक मकान में घुसा और वहां से आधा किलो लड्डू ले आया। उसने कहा कि उसके पास नमकीन मिक्चर भी है। यदि कहो तो लाकर दे सकता है, लेकिन हमने मना कर दिया।


केस1

आडा बाजार के मुख्य मार्ग पर चौराहे के पास स्थित मिठाई की एक दुकान के पास व्यक्ति बैठा था, वहां जाकर गाड़ी रोकी तो उसने पूछा, बताओ क्या चाहिए? भास्कर टीम ने कहा कि मिठाई मिलेगी क्या? उसने कहा- हां, मिल जाएगी। पूछा, कौनसी मिलेगी तो बोला- पैडे। टीम ने आधा किलो पेड़े का ऑर्डर किया तो व्यक्ति मिठाई की दुकान की पहली मंजिल पर गया और थोड़ी देर में मिठाई लाकर थमा दी। ज्यादा मिठाई के लिए पूछा तो कहा कि ऑर्डर देना पड़ेगा तो बना देंगे।


गोंद गिरी के लड्डू और सोहन पपड़ी है, बोलो क्या चाहिए


आधा किलो पेड़े खरीदे, कहा- ज्यादा मिठाई चाहिए तो ऑर्डर कर देना


फोन पर कहा- सुबह ऑर्डर कर देना


केस 3

शहर में मिठाई और नमकीन की एक दुकान के ऑनलाइन मोबाइल नंबर निकालकर कॉल किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति को पूछा कि क्या मिठाई व नमकीन उपलब्ध करवा सकते हो तो उसने कहा कि कितनी मिठाई और नमकीन चाहिए। हमने कहा कि ज्यादा मात्रा में चाहिए। उसने कहा कि मिठाई व नमकीन सुबह-सुबह मिलते हैं। यदि चाहिए तो आ जाना, लेकिन पहले फोन कर देना और ज्यादा चाहिए तो पहले ऑर्डर नोट करवा दें। दूसरे दिन बनाकर उपलब्ध करवा दी जाएगी।

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