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हर चुनौती का जवाब कलम से निकलेगा: रोशनी राजाराम

एक वर्ष पहले
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interview

लेखिका, प्रशिक्षक, बॉक्सर और भरतनाट्यम नृत्यांगना रोशनी राजाराम ने अपने जीवन की चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए उन सभी महिलाओं के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है जो परिस्थितियों के आगे हताश हो जाती हैं और मौन रह कर अत्याचार सहन करने की कोशिश करती हैं। रोशनी अपने नए उपन्यास के लिए शोध के सिलसिले में जोधपुर आई थीं। उन्होंने बातचीत में बताया कि बचपन से ही उनके जीवन में संघर्ष का दौर था जिन्हें उन्हाेंने चुनाैती समझकर पूरा किया और आज इस मुकाम पर खड़ी हैं।

\\\"बचपन से चुनौतियों का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो तब तक जारी रहा जब तक मैंने यह माना कि एक महिला होने के नाते मेरी कुछ सीमाएं हैं। अपने भीतर की आवाज को दबाने की आदत को छोड़ना ही वो जादुई ट्रिक थी। पहली बार जब मुझे एहसास हुआ कि मेरे बोले और लिखे शब्दों में ताकत है तो मैंने उनके इर्द-गिर्द ही सारे इनोवेशन करने शुरू कर दिए। मैंने अखबारों के लिए लिखना शुरू किया। मैंने कम्युनिकेशन स्किल ट्रेनर के रूप में अपनी पहचान बनानी शुरु की। आज, जब मैं खुद को अपने दम पर आगे बढ़ते हुए, दूसरों की सहायता करते हुए पाती हूं तो एक बात मेरे दिमाग में जीवन सिद्धांत की तरह जम चुकी है, \\\"कलम के जरिए हम हर चुनौती का जवाब दे सकते हैं।\\\'

रोशनी के पिछले कहानी संग्रह \\\'द वल्चर्स फीस्ट\\\' की सफलता के बाद उनका नया उपन्यास \\\'द कोल्ड ट्रुथ\\\' जल्द ही प्रकाशित होगा। ये उपन्यास एक सच्ची घटना पर आधारित है। इसमें एक लड़की की कहानी है जो सेना की वर्दी पहने एक हैवान के खिलाफ मोर्चा खोलती है और वह किस तरह खुद को स्टैंड करती है।

कैम्ब्रिज विवि के सेल्टा कोर्स की टॉपर, चर्चित \\\"टॉक जर्नलिज्म\\\' के 2019 की वक्ता और ट्रेनर, रोशनी राजाराम देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्त्री अधिकारों के बारे में संवाद के जरिए महिलाओं को जागरुक करने का कार्य कर रही हैं। रोशनी गूगल्स रोशनी हेल्पलाइन की ब्रांड एंबेसेडर भी बनी थीं। इस अभियान के जरिए \\\"अब बोलने की बारी\\\' के संदेश को महिलाओं के बीच पहुंचाया जा रहा है।


थार की महिलाओं को भी किया प्रेरित

राजस्थान हैरिटेज एंड नेचर सोसाइटी (राजहंस) के माध्यम से रोशनी ने थार रेगिस्तान के सुदूर गांवों की शिल्पकार महिलाओं के बीच स्किल डेवलपमेंट के लिए कार्य शुरू किया है। रोशनी ने बताया कि उनका उद्देश्य ग्रासरूट तक इस दक्षता के फायदे को पहुंचाना है। थार की हर हुनरमंद महिला को ग्लोबल कनेक्टिविटी का लाभ मिलना चाहिए।\\\'

महिलाओं को जागरुक करती हैं रोशनी
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