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विवादित फोटो पोस्ट करने वाली महिला की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

2 वर्ष पहले
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जोधपुर | ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में महिला अन्ना विटीकार की ओर से एफआईआर अपास्त करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। जांच में सामने आया था कि इस महिला के ट्विटर हैंडल से यह फोटो पोस्ट की गई थी। इस याचिका में अगली सुनवाई अब टि्वटर के सीईओ जैक डोरसे की याचिका के साथ 21 अगस्त को होगी। ट्विटर के सीईओ जैक डोरसे के खिलाफ जोधपुर की अदालत ने दिसंबर 2018 में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। एक वायरल फोटोग्राफ के संबंध में मानहानि का मामला भी दर्ज किया गया था। नवम्बर 2018 में भारत दौरे पर आए डोरसे ने महिला कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के साथ एक फोटो हाथ में लेकर तस्वीर खिंचवाई थी, जिस पर ‘ब्राह्मणवादी पितृसत्ता को तोड़ो’ नारा लिखा था। इस पोस्टर के वायरल होने के बाद कुछ यूजर्स ने डोरसे पर ‘कट्टरता’ और ‘नस्लवादी’ के आरोप लगाए थे। राजकुमार शर्मा द्वारा ट्विटर सीईओ और अन्य के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया गया।

टि्वटर सीईओ द्वारा ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला

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