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नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का मामलाआरोपी ऑटो चालक को तीन साल का कठोर कारावास

एक वर्ष पहले
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जोधपुर| पॉक्सो कोर्ट जोधपुर मेट्रो ने नाबालिग स्कूली छात्रा से छेड़छाड़ करने के आरोपी ऑटो चालक को दोषी मानते हुए तीन साल के कठोर कारावास से दंडित किया है।

मामले के अनुसार 18 अगस्त 2017 को नाबालिग लड़की के पिता ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसकी 9 साल की पुत्री वर्ष 2015 से एक निजी स्कूल में पढ़ती है। वह सुबह छह बजे ऑटो से स्कूल जाती है और वापस दोपहर दो बजे आती है। ऑटो चालक अखिलेश्वर सिंह पुत्र स्व. मांगीलाल रावणा राजपूत उसकी बच्ची को स्कूल ले जाता व घर लाता था। करीब चार महीने पहले ऑटो चालक ने उसकी बच्ची के साथ छेड़छाड़ की तो उसने स्कूल अध्यापक से शिकायत की। अध्यापक ने ऑटो चालक को बुलाकर पूछताछ की तो उसने छेड़छाड़ की गलती मानते हुए दुबारा गलती नहीं करने की बात कही। हमने भी उसे माफ कर दिया और स्कूल प्रबंधन ने भी उसकी टैक्सी हटा दी, लेकिन उसके बच्चे उसी स्कूल में पढ़ते हैं और वह उन्हें छोड़ने व ले जाने आता रहता है। 18 अगस्त 2017 को वह स्कूल के पिछले गेट पर आया और बच्ची के साथ फिर से छेड़छाड़ की। इस घटना से वह बुरी तरह सहम गई और घर पर आकर अपनी दादी को बताया।

सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक शिव कुमार भाटी ने व परिवादी की ओर से विक्रमसिंह ने पैरवी की। अभियुक्त ने अपने आपको निर्दोष बताया। सभी पक्ष सुनने के बाद पॉक्सो कोर्ट जोधपुर मेट्रो के पीठासीन अधिकारी अखिलेश कुमार ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 7 के तहत दोषी करार देते हुए तीन साल के कठोर कारावास से दंडित किया। चार हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है।
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