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अाज की युवा पीढ़ी संभावनाशील व संवेदनशील है : कुमार प्रशांत

एक वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर . जोधपुर

आज की युवा पीढ़ी सर्वाधिक संभावनाशील है। नई पीढ़ी गांधी विचार को लेकर संवेदनशील है। यह पीढ़ी अधिक रचनात्मक और पारदर्शिता को पसंद करती है। युवा पीढ़ी ही गांधी विचार को लेकर नई आशा जगाती है। ये विचार गांधी शांति प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं चिंतक कुमार प्रशांत ने शनिवार को दो दिवसीय सम्मेलन ‘हमारी संसद’ के समापन समारोह में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज गांधी का मतलब नए सवालों से जूझना और नई तरह से सोचना है। यही दृष्टिकोण युवा पीढ़ी से हमें जोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि तंत्र में बैठा आदमी क्या कर रहा है, इस पर हमारी पैनी निगाह रहनी चाहिए। तंत्र पर लोक का नियंत्रण ही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। आज लोकतंत्र की भावना के अनुसार लोगों की मनोभूमि बनाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर हीरेनभाई, बंशीभाई, संजयभाई, वासुदेव भाई, रमेश मुमुक्षु ने केंद्रों की समस्याएं एवं समाधान के लिए सुझाव दिए।

जोधपुर केंद्र की अध्यक्ष आशा बोथरा ने कहा कि व्यक्तिवाद से ऊपर उठकर कार्य करें। केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में पल्लवी टाटिया, पराग, धर्मेश रूठिया, शशिबहन त्यागी, डाॅ. ओपी टाक, डाॅ. संध्या शुक्ल, गौतम के गट्स, अंबालाल जेदिया, बादलराज सिंघवी, सरोज रूटिया, अशोक चौधरी, स्मिता पटेल, नवीन चितारा सहित गांधी भवन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। संचालन समन्वयक रूपल बहन ने किया। इस अवसर पर सर्वोदयी विचारक रामेश्वर विद्यार्थी, साहित्यकार व लेखक गिरीराज किशोर, महावीर त्यागी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सचिव डाॅ. भावेंद्र शरद जैन ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।

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