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रावण के पुतले / ससुराल में बिक रहा है दामाद, तीन सौ से पंद्रह हजार है दाम, बड़ी संख्या में लोग दे रहे है ऑर्डर



जोधपुर में सड़क किनारे सजी रावण के पुतलों की मंडी। जोधपुर में सड़क किनारे सजी रावण के पुतलों की मंडी।
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जोधपुर में सड़क किनारे सजी रावण के पुतलों की मंडी।जोधपुर में सड़क किनारे सजी रावण के पुतलों की मंडी।

  • जोधपुर में कई स्थान पर सड़क  किनारे सजे है रावण व उसके परिजनों के पुतले

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 11:34 AM IST

जोधपुर. अपने ससुराल में कभी किसी दामाद को बिकते नहीं देखा होगा, लेकिन जोधपुर में एक दामाद खूब बिक रहा है। शहर में कई स्थान पर सड़क किनारे लगी मंडी में लोग जमकर मोलभाव कर शहर के इस दामाद के सौदे कर रहे है। जोधपुर का यह दामाद है रावण। इस बार शहर में रावण के पुतले जमकर बेचे जा रहे है। यहां पर तीन सौ से लेकर पंद्रह हजार तक में रावण के पुतले उपलब्ध है। 


 

 

सड़क किनारे सजे है रावण के पुतले

  1. शहर में चार-पांच स्थान पर सड़क किनारे बड़ी संख्या में रावण के पुतले बनाने का काम चल रहा है। राह निकलते लोगों के लिए वहां सजे रावण व उसके परिजनों के पुतले कौतुहल बने हुए है। पाल रोड पर ऐसे पुतले बनाने वाली बाड़मेर निवासी गंगा ने बताया कि उनके यहां पर तीन सौ से लेकर पंद्रह हजार के पुतले उपलब्ध है। अब तक काफी ऑर्डर मिल चुके है। वहीं कई लोग पुतले देखने आ रहे है और मोलभाव कर रहे है।

    शहर के लोग बड़ी संख्या में रावण के पुतलों की जानकारी लेने पहुंच रहे है।

     

  2. उम्मीद है कि अगले तीन-चार दिन में बड़ी संख्या में पुतले बिक जाएंगे। उसका कहना है कि पहले पूरे शहर में एक ही स्थान पर रावण दहन किया जा

    सड़क किनारे तीन सौ से लेकर पंद्रह हजार तक के रावण के पुतले उपलब्ध है।

    ता था, लेकिन समय बदलने के साथ अब प्रत्येक मौहल्ले में लोग रावण दहन करते है। ऐसे में उनके पुतलों की मांग बढ़ती जा रही है। उसका कहना है कि गत वर्ष की अपेक्षा इस बार रावण की मांग काफी बढ़ी है।

  3. ऐसी मान्यता है कि रावण का ससुराल जोधपुर में है। रावण की पत्नी मंदोदरी मारवाड़ की प्राचीन राजधानी मंडोर की थी। मंडोर का नामकरण भी मंदोदरी के नाम पर पड़ा। यही कारण है कि शहर में रावण व मंदोदरी का भव्य मंदिर भी बना हुआ है। रावण की बारात में जोधपुर आए कुछ लोग यहीं पर बस गए। रावण दहन के दिन ये लोग बाकायदा शोक मनाते है। 

    ऐसी मान्यता है कि मंदोदरी के साथ रावण की शादी जोधपुर में  ही हुई थी।

    फोटो एल देव जांगिड़

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