सांगोद / थप्पड़ मारने वाले सांगोद चेयरमैन ने किया सरेंडर, जेल भेजा, सांगाेद बंद



Sangod Palika chairman presented in court
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Sangod Palika chairman presented in court

  • चेयरमैन की गिरफ्तारी के विरोध में आमजन और व्यापारी नाराज हो गए
  • मृत गाय को घसीटकर ले जाना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है

Dainik Bhaskar

Oct 10, 2019, 05:11 AM IST

सांगोद. कोटा जिले की सांगोद नगर पालिका के चेयरमैन देवकीनंदन राठौर को धारा 3 के मामले में गिरफ्तार करने के विरोध में कस्बे में आक्रोश रहा। चेयरमैन की गिरफ्तारी के विरोध में आमजन और व्यापारी नाराज हो गए। उनका कहना है कि मृत गाय को घसीटकर ले जाना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।

 

चेयरमैन ने पालिका से अनुबंधित ठेकेदार होने के कारण अपना समझकर चांटा मार दिया था। ऐसे में उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। बुधवार को संयुक्त व्यापार संघ के आह्वान पर सांगोद कस्बा पूर्णतया बंद रहा। बंद में किसी को मशक्कत नहीं करनी पड़ी, स्वत: ही दुकानें बंद हो गईं। बंद के दौरान सेवाएं बंद से मुक्त रखी गई। व्यापार संघ ने बाद में मुख्य मार्गों से होकर आक्रोश जुलूस निकाला। इसके बाद गृहमंत्री के नाम का ज्ञापन एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेयरमैन के खिलाफ दर्ज किए गए धारा 3 के मामले की निष्पक्ष जांच करने व मुर्दा मवेशी ठेकेदार राजकुमार के खिलाफ गाय की बेकद्री करते हुए घसीटकर ले जाने के मामले में पशु क्रूरता अधिनियम की धारा में केस दर्ज करने की मांग की है।

 

ये था पूरा मामला
बीते दिनों नगरपालिका का अनुबंधित ठेकेदार मृत गाय को ट्रॉली के बजाय घसीटते हुए ले जा रहा था। इस बात का गोसेवकों और आमजन ने विरोध किया था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे चैयरमैन भीड़ देखकर रुक गए। जब मामला पालिका का निकला तो उन्होंने लोगों की भावनाओं को देखते हुए ठेकेदार को डांटा। उन्होंने ठेकेदार से कहा कि गाय से धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं, ऐसे में इसे ट्रॉली में डालकर लेकर जाओ। जब ठेकेदार ने बात नहीं मानी तो भीड़ उग्र होने लगी। ऐसे में चेयरमैन ने ठेकेदार को चांटे जड़ दिए थे। ठेकेदार का कहना था कि मुझे जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित कर मारपीट की। वहीं, चेयरमैन ने कहा था कि मैंने भीड़ उत्तेजित हो रही थी, उसे अपना समझकर चांटा मारा था ताकि भीड़ कोई बड़ा कदम नहीं उठा ले।  

 

पुलिस पर था दबाव :

चेयरमैन की गिरपतारी को लेकर वाल्मीकि समाज, भीम सेना व एससी वर्ग व दलित समाज पुलिस पर दबाव बना रहे थे। बुधवार को  पालिकाध्यक्ष देवकीनंदन राठाैर थाने पहुंचे और सरेंडर कर दिया। पालिकाध्यक्ष के सरेंडर के बाद एससी, एसटी कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया।

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