3 युवा व्यापारियाें की माैत से समाज-साथी सदमे में, सड़क हादसे में गईं थी जान

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लेफ्ट टू राइट- नवरत्न सुराणा, राहुल धारीवाल और महेंद्र कोठारी। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
लेफ्ट टू राइट- नवरत्न सुराणा, राहुल धारीवाल और महेंद्र कोठारी। - फाइल फोटो
  • याराना ऐसा कि हर पूर्णिमा नाकोड़ा दर्शन व सामाजिक कार्य मिलकर करते, साथ टूटी सांसें ...और छूट गया साथ
  • नाकोड़ा दर्शन कर लौटते समय तीनों दोस्तों की कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई थी, हादसे में तीनों की तौत

जोधपुर. शहर के तीन युवा कारोबारी महेंद्र कोठारी, राहुल धारीवाल और नवरतन सुराणा की दोस्ती ऐसी थी कि तकरीबन हर रोज ही मिलना होता था। कभी-कभार अगर नहीं भी मिल पाते, तो भी फोन पर संपर्क तो होता ही था। सुराणा पिछले करीब 12-13 साल से हर महीने की पूर्णिमा को नाकोड़ा तीर्थ दर्शन करने जाते थे।
 
कुछ साल पहले इनके दोस्त महेंद्र कोठारी जोधपुर से साधकों का संघ लेकर नाकोड़ा भैरव के दर्शन करने गए। इसके बाद तो उन्होंने भी हर पूर्णिमा को दर्शन करने जाने का नियम बना लिया। ऐसा ही कुछ धारीवाल ने भी तय कर लिया। करीब दो साल से वे भी सुराणा व कोठारी के साथ ही नाकोड़ा तीर्थ नियमित रूप से जाने लगे। कारोबारी व्यस्तता हो अथवा पारिवारिक काम, किसी भी परिस्थिति में इन्होंने पूर्णिमा के दिन दर्शन करने के नियम को कभी टूटने नहीं दिया। इस बार भी मंगलवार अलसुबह करीब साढ़े तीन बजे तीनों एक गाड़ी में अपने दो भाई सहित नाकोड़ा दर्शन करने गए थे।
 
मंदिर में दर्शन करने के बाद जल्दी ही तीनों दोस्त जोधपुर के लिए रवाना हुए। वापसी में कोठारी, धारीवाल व सुराणा एक गाड़ी में रवाना हुए। जबकि इनके कुछ देर बाद भाई व अन्य रिश्तेदार-मित्र दो अलग-अलग गाड़ी में जोधपुर के लिए रवाना हुए। रास्ते में पचपदरा के निकट धारीवाल की कार का एक्सिडेंट हो गया। इसमें राहुल धारीवाल, महेंद्र कोठारी व नवरतन सुराणा की मौके पर ही मौत हो गई। जोधपुर में परिवार एवं समाज के लोगों को इस हादसे की जानकारी मिली तो कोहराम मच गया। एकबारगी तो किसी को इस बात पर विश्वास ही नहीं हुआ। कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर हादसे के बाद के फोटो-वीडियो आने लगे। इससे व्यापार जगत एवं पूरे शहर में सनसनी मच गई। 
 

सामाजिक संगठन हो या सेवा कार्य, सक्रिय रहते
महेंद्र कोठारी, राहुल धारीवाल और नवरतन सुराणा जैन समाज के कई संगठनों से तो जुड़े ही थे। साथ ही शहर में सेवा कार्य से जुड़े कई स्वयंसेवी संगठनों में भी लगातार सक्रिय रहते थे। इनमें ब्लड डोनेशन कैंप के आयोजन करने एवं व्यापारिक संघ के तहत सेवा कार्य जैसे कई सामाजिक कार्य शामिल थे। कोठारी, सुराणा व धारीवाल के दोस्त खुशाल सांखला, दीपक सोनी, मनीष तातेड़ व महावीर कोठारी आदि ने भास्कर को बताया कि तीनों का ही व्यवहार बेहद दोस्ताना था।
 

दोस्तों के बर्थडे पर केक कटवाने जाते कोठारी
कोठारी जोधपुर वस्त्र व्यापार संघ के सदस्य थे। दोस्तों या संघ के किसी सदस्य का बर्थ-डे कभी नहीं भूलतेे। किसी की भी बर्थ-डे पर सारे दोस्त केक सहित शख्स के यहां जाकर केक कटवाते थे। जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते थे। इसी तरह सुराणा श्रीओसवाल समाज महामंदिर व कई अन्य संस्थाओं के साथ जीव दया के कार्यक्रमों में आगे रहते थे। जबकि धारीवाल सामाजिक संगठनों के साथ विश्व हिंदू परिषद व अन्य संस्थाओं से भी जुड़े थे। राहुल धारीवाल की शादी तो इसी 1 जनवरी को हुई थी।
 

नवरतन सुराणा

  • उम्र : 43
  • परिवार : माता , पत्नी वीणा (39), पुत्र हार्दिक (15), पुत्री सुहानी (12), भाई सुभाष व नरेश
  • शादी : करीब 16 साल पहले
  • पेशा : रेडिमेड गारमेंट का व्यापार

   

राहुल धारीवाल

  • उम्र : 31
  • परिवार : माता सुशीला धारीवाल, पत्नी शालू (25)
  • शादी : 1 जनवरी 2019 को ही हुई
  • पेशा : कॉस्मेटिक व्यापार – मोतीलाल राजेंद्रकुमार धारीवाल

   

महेंद्र कोठारी 
उम्र
: 44
परिवार : माता हुलासी देवी, पत्नी नीतू (41), पुत्री हर्षिता (19), पुत्र भावेश (17), भाई संजय व सुभाष
शादी : करीब 21 साल पहले
पेशा : कपड़ा व्यापार - हर्षिता क्रियेशन, मोती चौक, त्रिपोलिया बाजार
 
 

खबरें और भी हैं...