जैसलमेर / फायरिंग रेंज में ट्रायल के दौरान रास्ता भटक गए 3 ड्रोन; सेना के सामने डेमो दे रहीं थीं कंपनियां

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  • चांदण फायरिंग रेंज का मामला, सेना के लिए मीडियम साइज ड्रोन खरीदने की कवायद चल रही है
  • एक ड्रोन फायरिंग रेंज से करीब 65 किमी. दूर मिला, जबकि दो ड्रोन की तलाश की जा रही है

दैनिक भास्कर

Feb 13, 2020, 05:01 PM IST

जोधपुर. जैसलमेर की चांदण फायरिंग रेंज में गुरुवार को सेना के समक्ष ट्रायल दर्शा रही निजी कंपनियों के तीन ड्रोन रास्ता भटक कर लापता हो गए। बाद में इनमें से एक ड्रोन मिल गया। जबकि दो अन्य ड्रोन की लोकेशन मिल चुकी है, उनकी तलाश में टीमें भेजी गई है। ये ड्रोन मध्यम आकार के है और इनका उपयोग सर्विलांस के साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सीमित मात्रा में राहत पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। 

सेना के लिए ड्रोन खरीदने की चल रही कवायद
सैन्य सूत्रों का कहना है कि सेना के लिए इन दिनों नए ड्रोन खरीदने की कवायद के तहत देश की कुछ निजी कंपनियां अपने ड्रोन का फायरिंग रेंज में डेमो कर रही थी। सुबह डेमो के दौरान तीन ड्रोन अपनी दिशा भटक कर काफी दूर निकल गए। उनका नियंत्रण कक्ष से संपर्क भी टूट गया। बाद में उनकी तलाश में टीमों को भेजा गया। एक करीब 65 किलोमीटर दूर मिला। जबकि दो अन्य ड्रोन की लोकेशन काणोद के समीप मिली है। इनकी तलाश में टीमों को भेजा गया है। इन ड्रोन के प्रदर्शन के आधार पर सेना इनकी खरीद का ऑर्डर देगी। 


आमतौर पर सेना सीमा पर निगरानी के लिए बड़े ड्रोन यानि मानव रहित विमानों का उपयोग करती है। अब बदली परिस्थितियों में सेना मीडियम साइज के ड्रोन खरीदने पर विचार कर रही है। इन ड्रोन का मल्टीपरपज उपयोग संभव है। इनके माध्यम से किसी सीमित क्षेत्र में सर्विलांस किया जा सकता है।

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