राजस्थान हाईकोर्ट / टि्वटर सीईओ जैक डोरसे के मामले में अनुसंधान पूरा कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश



टि्वटर सीईओ जैक डोरसे। टि्वटर सीईओ जैक डोरसे।
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टि्वटर सीईओ जैक डोरसे।टि्वटर सीईओ जैक डोरसे।

  • 27 फरवरी तक रिपोर्ट पेश करने निर्देश, तब तक जैक की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक बढ़ी
  • जैक के खिलाफ ब्राह्मण समाज के विरुद्ध टि्वटर पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप

Dainik Bhaskar

Jan 25, 2019, 01:25 AM IST

जोधपुर. टि्वटर के सीईओ जैक डोरसे को ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के लिए दायर याचिका पर गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के न्यायाधीश डॉ. पीएस भाटी ने पुलिस को अनुसंधान पूरा कर 27 फरवरी तक रिपोर्ट पेश करने निर्देश दिए हैं। तब तक उनकी गिरफ्तारी पर लगाई गई अंतरिम रोक भी बढ़ा दी गई है।

 

ब्राह्मण समाज के विरुद्ध टि्वटर पर टिप्पणी करने वाले टि्वटर के सीईओ जैक डोरसे के खिलाफ जोधपुर की अदालत ने बासनी थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। परिवादी राजकुमार शर्मा की ओर से दायर इस्तगासे में बताया गया था कि पोस्टर प्रदर्शित कर ब्राह्मणों के खिलाफ षड्यंत्र किया गया, इसलिए मुकदमा दर्ज किया जाए। पोस्टर पर लिखा था- ब्राह्मणवादी पितृ सत्ता का नाश हो।  

 

डोरसे की ओर से सीआरपीसी की धारा 482 के तहत याचिका दायर कर एफआईआर निरस्त करने का आग्रह किया गया। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि  यह ट्वीट डोरसे की ओर से हैंडल से नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर के सीईओ होने के कारण यह मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता, इसलिए मुकदमा निरस्त किया जाए।

 

कोर्ट ने डोरसे की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें इस मामले में अपने प्रतिनिधि अथवा अधिवक्ता के माध्यम से अपने बचाव से संबंधित सभी दस्तावेज या अन्य जरूरी तथ्य अनुसंधान अधिकारी के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अनुसंधान में सहयोग करने के लिए भी कहा था।

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