जोधपुर / बिना सच्चाई जाने फॉरवर्ड किया झूला टूटने का वीडियो, अब जेल में



वायरल वीडियो का दृश्य, जिसमें महिला को झूले से गिरता दिखाया। वायरल वीडियो का दृश्य, जिसमें महिला को झूले से गिरता दिखाया।
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वायरल वीडियो का दृश्य, जिसमें महिला को झूले से गिरता दिखाया।वायरल वीडियो का दृश्य, जिसमें महिला को झूले से गिरता दिखाया।

  • वीडियो में झूले की एक ट्रॉली टूटने पर महिला नीचे गिरती नजर आ रही है, जोधपुर का बताया गया हादसा
  • लगातार संबंधित पुलिस थाने में लोगों के फोन आने लगे, अफवाह फैलाने पर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 02:24 AM IST

जोधपुर. अगर आपके वाॅट्सएप पर कोई वायरल वीडियो आया है और आप बिना उसकी सच्चाई जाने फॉरवर्ड कर रहे हैं तो ये आदत छोड़ दें। अगर वीडियो फर्जी हुआ तो वायरल करने पर गिरफ्तारी हो सकती है। ऐसे ही एक मामले में शुक्रवार को शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने एक युवक के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-151 में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।

 

मामला 9 जनवरी को शहर में वायरल हुए एक वीडियो का है, जिसमें मेले का दृश्य था, इसमें एक झूले की एक ट्रॉली टूटती है और उसमें बैठी महिला नीचे गिरती है। वीडियो के साथ ये मैसेज भी वायरल हुआ था कि ये हादसा हस्तशिल्प मेले में हुआ है। ये मैसेज धड़ल्ले से आमजन तक पहुंचना शुरु हो गया। वहीं, लगातार संबंधित पुलिस थाने में लोगों के फोन आने लगे। इस पर पुलिस वीडियो की सच्चाई जानने में जुट गई। दो दिन की पड़ताल के बाद पुलिस ने शुक्रवार को जोधपुर में सबसे पहले वीडियो वायरल करने वाले उमेश चौहान को गिरफ्तार कर लिया।

 

दिल्ली से 9 को उमेश के पास आया था वीडियो
पुलिस के अनुसार 9 जनवरी को पहाड़गंज दिल्ली के  निवासी धर्मेंद्र ने 7 बजकर 52 मिनट पर जोधपुर के उमेश को यह वीडियो वाटसएप किया था। उसने बिना सोचे समझे कई ग्रुप और दोस्तों में वायरल कर दिया, जिससे शहर में भ्रम फेल गया।

 

क्या है धारा-151

यह शांतिभंग करने की धारा है। इसमें पुलिस संबंधित व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार कर सकती है। इस धारा में पुलिस कमिश्नर जमानत पर रिहा कर सकते हैं। जहां कमिश्नरेट लागू नहीं है वहां एसडीएम के पास इसके अधिकार हैं। इस दौरान संबंधित पर छह महीने तक शांतिभंग नहीं करने की पाबंदी रहती है।

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