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5 माह पहले चंबल की पाइपलाइन से कनेक्शन लिया घरों में नहीं पहुंचा पानी, अब सीएमओ को शिकायत की

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा शहर के साथ ही विभिन्न कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था में सुधार को लेकर चंबल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 28, 2018, 04:55 AM IST

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

शहर के साथ ही विभिन्न कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था में सुधार को लेकर चंबल प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन डाली गई। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं थी या पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता था वहां भी पाइपलाइन बदल कर जलापूर्ति शुरू की मगर प्रेशर से पानी नहीं मिल रहा है। रमा विहार स्थित टंकी से हैंडपंप चौराहा व सुभाषनगर में रहने वालों को पानी दिया जा रहा है लेकिन इसी क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने करीब पांच माह पूर्व पानी का कनेक्शन लिया लेकिन उसे अभी तक पानी नहीं मिला तो उसने विधायक को शिकायत की। वहां भी सुनवाई नहीं हुई तो अब सीएमओ में फरियाद करनी पड़ी।

चंबल प्रोजेक्ट द्वारा शहर में करीब दो दर्जन टंकियां बनाई गई। अधिकांश टंकियों से जलापूर्ति शुरू कर दी गई। गत साल 17 नवंबर को रमाविहार स्थित टंकी को चालू कर इसकी जानकारी चंबल प्रोजेक्ट खंड द्वितीय के अधिकारियों ने जलदाय विभाग को दी। इस पर क्षेत्रवासियों द्वारा नल कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया। सुभाषनगर विस्तार में रहने वाले किशनलाल धाभाई ने भी करीब पांच माह पूर्व पानी का कनेक्शन लिया, लेकिन उसके घर पानी नहीं पहुंचा। इस पर उसने चंबल प्रोजेक्ट के साथ ही पीएचईडी अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारी उसे जल्द पानी मिलने का आश्वासन देकर रवाना कर देते। गर्मी पानी का संकट बढ़ा तो वह फिर अधिकारियों के पास गया, लेकिन फिर आश्वासन मिलने पर उसने मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर व शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी को जानकारी दी। गुर्जर व अवस्थी के कहने के बावजूद चंबल प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने नहीं सुनीं तो गत दिनों धाभाई सीएमओ पहुंचे तथा वहां पत्र देकर फरियाद की।

रमा विहार स्थित टंकी से हैंडपंप चौराहा सुभाषनगर क्षेत्र में जलापूर्ति करने के लिए डाली पाइपलाइन

पानी का इंतजार करते बीत गए पांच माह ...

सुभाषनगर विस्तार में रहने वाले किशन धाभाई का कहना हैं कि उसने पांच माह पूर्व कनेक्शन लिया, लेकिन पानी नहीं पहुंचा। ऐसे में टैंकर से पानी डलवाना पड़ रहा है। मोहल्ला के 100-125 घरों में रहने वाले चंबल के पानी का इंतजार कर रहे हैं।

आधे शहर को ही रोज मिल रहा पानी ... चंबल जलापूर्ति के बाद शहर के हर गली मोहल्ला को रोज पानी मिलना था लेकिन अभी भी कई बस्तियों व कॉलोनियों में एक दिन छोड़कर एक दिन जलापूर्ति हो रही है। जिन बस्तियों में रोज पानी मिल रहा वहां भी प्रेशर नहीं है। प्रोजेक्ट वाले इसका कारण घरों के बाहर बनी कुंडियां बता रहे हैं। उनका कहना हैं कि कुंडियां ओवरफ्लो होकर नाली में बह जाता है। कुंडियां बद होने पर पर्याप्त पानी मिलेगा।

दो-तीन दिन में कर देंगे समस्या का समाधान ... चंबल प्रोजेक्ट द्वितीय के एसई डीके मित्तल का कहना है कि शहर की कुछ बस्तियों में वर्तमान में रोज पानी नहीं मिल रहा है। वहां सिस्टम को अपडेट कर शीघ्र प्रतिदिन पानी पहुंचाया जाएगा। सुभाषनगर विस्तार में वाल्व की समस्या के कारण पानी नहीं पहुंच रहा। क्षेत्र में अधिकारियों को भेजा है। एक-दो दिन में समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

शहर के साथ ही विभिन्न कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था में सुधार को लेकर चंबल प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन डाली गई। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं थी या पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता था वहां भी पाइपलाइन बदल कर जलापूर्ति शुरू की मगर प्रेशर से पानी नहीं मिल रहा है। रमा विहार स्थित टंकी से हैंडपंप चौराहा व सुभाषनगर में रहने वालों को पानी दिया जा रहा है लेकिन इसी क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने करीब पांच माह पूर्व पानी का कनेक्शन लिया लेकिन उसे अभी तक पानी नहीं मिला तो उसने विधायक को शिकायत की। वहां भी सुनवाई नहीं हुई तो अब सीएमओ में फरियाद करनी पड़ी।

चंबल प्रोजेक्ट द्वारा शहर में करीब दो दर्जन टंकियां बनाई गई। अधिकांश टंकियों से जलापूर्ति शुरू कर दी गई। गत साल 17 नवंबर को रमाविहार स्थित टंकी को चालू कर इसकी जानकारी चंबल प्रोजेक्ट खंड द्वितीय के अधिकारियों ने जलदाय विभाग को दी। इस पर क्षेत्रवासियों द्वारा नल कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया। सुभाषनगर विस्तार में रहने वाले किशनलाल धाभाई ने भी करीब पांच माह पूर्व पानी का कनेक्शन लिया, लेकिन उसके घर पानी नहीं पहुंचा। इस पर उसने चंबल प्रोजेक्ट के साथ ही पीएचईडी अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारी उसे जल्द पानी मिलने का आश्वासन देकर रवाना कर देते। गर्मी पानी का संकट बढ़ा तो वह फिर अधिकारियों के पास गया, लेकिन फिर आश्वासन मिलने पर उसने मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर व शहर विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी को जानकारी दी। गुर्जर व अवस्थी के कहने के बावजूद चंबल प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने नहीं सुनीं तो गत दिनों धाभाई सीएमओ पहुंचे तथा वहां पत्र देकर फरियाद की।

कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या नहीं सुधारी, तो कॉलोनीवासियों ने की शिकायत

मांडल के 18 व आसींद के 9 गांवों में पहुंचा चंबल का पानी

शहर के बाद अब मांडल व आसींद कस्बों के साथ ही उनके आसपास के 27 गांवों में भी पानी पहुंचा दिया गया है। चंबल प्रोजेक्ट (द्वितीय) के एसई डीके मित्तल ने बताया कि मांडल कस्बे के साथ ही उससे जुड़े करीब 18 गांवों तथा आसींद कस्बे के साथ ही उससे जुड़े करीब 9 गांवों में पानी पहुंचा दिया गया है। मांडल के करीब 188 व आसींद के 205 गांवों में सितंबर तक पानी पहुंचा दिया जाएगा। उनका कहना हैं कि अगले चरण में समस्याग्रस्त बदनौर व करेड़ा क्षेत्र में पानी पहुंचाने को प्राथमिकता दी जाएगी। मांडल व आसींद कस्बों के साथ ही इनसे जुड़े करीब 27 गांवों में पानी पहुंचने से गर्मी में ग्रामीणों को जल संकट से राहत मिली है।

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