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दलित आदिवासियों के अधिकारों को प्रभावहीन बनाने पर रोष

सपोटरा | दलित आदिवासी एकता मंच विधानसभा क्षेत्र की बैठक शनिवार को उपखंड मुख्यालय के एक मैरिज होम में रामसिंह...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:55 AM IST
सपोटरा | दलित आदिवासी एकता मंच विधानसभा क्षेत्र की बैठक शनिवार को उपखंड मुख्यालय के एक मैरिज होम में रामसिंह बालौती की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधन के खिलाफ रोष जाहिर करते हुए उपजिला कलेक्टर राजपाल सिंह यादव को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अधिनियम पर पुनर्विचार करने के साथ फैसले का रद्द करने की गुहार की गई। पूर्व विधायक प्रभू पटेल ने एसटी-एससी अत्याचार निवारण एक्ट में संशोधन को सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए समाज को उनके अधिकारों के लिए दिल्ली तक संघर्ष करने पर बल दिया गया। पूर्व प्रधान रामकुमार बैरवा,बद्रीलाल मास्टर,आर.सी. मीणा ने लोकतंत्र में कानून बनाने व कानून हटाने का अधिकार सर्वोच्च संस्था संसद का हक बताते हुए अधिनियम मंत संशोधन करने पर दलित वर्ग के साथ अत्याचार बढ़ने की संभावना जाहिर की गई। मंच के अमरसिंह ने जनप्रतिनिधियों से एससी व एसटी की खिलाफत करने वाले लोगों का विरोध करते हुए समाज के ही लोगों को मान,सम्मान व मतदान करने की गुजारिश की गई। संयोजक रामधन बैरवा तथा विधानसभा अध्यक्ष रामसिंह बालौती ने समाज के लोगों को 2 अप्रेल को जिला मुख्यालय करौली पर अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर भारत बंद को सफल बनाने का आग्रह किया गया। तत्पश्चात एकता मंच के पदाधिकारियों ने एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर संशोधन आदेश को रद्द करने की मांग की गई।