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मुंसिफ न्यायालय भवन के लिए सीजेएम ने किया राजकीय इमारतों का अवलोकन

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:20 PM IST

Karoli News - उपखंड मुख्यालय पर 20 वर्षों से बहुप्रतीक्षित एवं राज्य सरकार द्वारा नवसृजित न्यायालय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक...

मुंसिफ न्यायालय भवन के लिए सीजेएम ने किया राजकीय इमारतों का अवलोकन
उपखंड मुख्यालय पर 20 वर्षों से बहुप्रतीक्षित एवं राज्य सरकार द्वारा नवसृजित न्यायालय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट करौली गजेंद्र सिंह तेनगुरिया ने राजकीय भवनों का अवलोकन किया। जिसके दौरान ग्रामीणों व व्यापारियों ने जलसंसाधन विभाग के विश्राम गृह को उपयुक्त मानते हुए न्यायालय संचालित करने की मांग की गई।

उपजिला कलेक्टर राजपाल सिंह यादव ने बताया कि विधि एवं विधिक कार्य विभाग की अधिसूचना पर मंगलवार को उपखंड मुख्यालय पर नवसृजित न्यायालय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय के अस्थाई संचालन के लिए सीजेएम करौली ने संभावित सरकारी भवन जलसंसाधन विभाग के विश्राम गृह तथा पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के साथ निजी भवनों का अवलोकन किया गया। दूसरी ओर राजस्व विभाग द्वारा महाविद्यालय के पास मुंसिफ कोर्ट के लिए आवंटित भूमि का मौका मुआयना किया गया। इस दौरान सरपंच रूपराम मीणा व भाजपा नेता भरतलाल मीणा ने मुंसिफ न्यायालय का जल संसाधन विभाग व पुराने अस्पताल में अस्थाई रूप से संचालित करने के लिए जन सहयोग से राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। वहीं व्यापारियों ने मुंसिफ कोर्ट को कस्बे में खोलने की गुहार की गई। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी जिला न्यायाधीश चंद्रकुमार सोनगरा व सीजेएम रामपाल जाट भी भवनों का अवलोकन कर जलसंसाधन विभाग के विश्राम गृह को उपयुक्त भवन मानते हुए एसडीएम से अनापत्ति प्रमाण पत्र व भवन की सुपुर्दगी की कार्यवाही का निर्देश दे चुके है। उधर,सानिवि के अधिशाषी अभियंता को विश्राम गृह की छत मरम्मत,डाइस सेट,नल-बिजली कनेक्शन व फिटिंग,शौचालय,अप्रोच रोड़ तथा स्टेनो व सर्वर रूम के नव निर्माण का तकमीना भेजने पर पाबंध भी किया गया। जिस पर एसडीएम ने जिला न्यायधीश व कलेक्टर को विश्राम गृह की सुपुर्दगी की कार्यवाही से भी अवगत करा दिया गया। जिसके उपरांत भी मुंसिफ न्यायालय वर्तमान में करौली संचालित होने के कारण लोगों को न्याय के लिए 40-50 किमी दूर करौली पहुंचकर आर्थिक व मानसिक परेशानी उठाने के कारण क्षेत्र के लोगों में रोष व्याप्त है।

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