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चुनावी मुददा : रौंसी में 15 वर्ष पूर्व बनी थी पानी की टंकी, 2 वर्ष से पड़ी है नाकारा

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | कैमला(हिंडौन सिटी)

सर्दी के इन दिनों में चुनावी गर्मी बनी हुई हैं। विधानसभा में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर ग्रामीणों के यहां दस्तक दे रहे हैं, लेकिन चुनाव लडने वाले प्रत्याशियों का ध्यान गांव की समस्याओं पर नहीं हैं। जो अब वोट मांगने जा रहे हैं, वे चुनाव जीतने या हारने के बाद दोबारा गांव की तरफ मुडकर भी नहीं देखते। रौंसी, कूंजेला व खेडला के करीब 6 हजार लोगों की प्यास बुझाने वाली पानी की टंकी दो वर्ष से सूखी पड़ी हुई है, लेकिन इस समस्या की ओर किसी का ध्यान नहीं हैं।

15 वर्ष पूर्व हुआ था टंकी का निर्माण

नादौती-श्रीमहावीरजी सडक मार्ग पर रौसी पुलिस चौकी मोड पर जलदाय विभाग द्वारा करीब 15 वर्ष पहले ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टंकी का निर्माण कराया गया था। इस टंकी मे श्रीमहावीरजी की गंभीर नदी में लगे नलकूपों से पानी आता था। इस टंकी द्वारा रौसी, कूंजेला व खेडला के करीब 6 हजार से ज्यादा लोंगों की प्यास बुझती थी। शुरू मे तो टंकी मे लगातार पानी आता रहा जिससे तीन गांवों के ग्रामीणों के अलावा राहगीरों को पीने के लिए ठंडा व शुद्ध पेयजल मिलता था। लेकिन विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते पिछले 2 वर्षों से टंकी सूखी पडी हुई है। जिससे तीन गांवोंं के ग्रामीणों के सामने भयंकर पेयजल संकट छाया हुआ है। सरपंच सुनीता पटेल, प्रहलाद पटेल, शमशेर सिंह, कप्तान सिंह, गजेन्द्र, खेमराज, शिवसिंह सहित कई लोगों ने बताया कि जिस समय टंकी का निर्माण हुआ था उस समय तो गांव के 3-4 हजार लोगों की प्यास बुझ जाती थी लेकिन अब टंकी मे पानी नहीं आने से ग्रामीणों को टैंकरों से पानी मंगवाना पड रहा है।

पुलिसकर्मी भी झेल रहे पानी की समस्या

स्थानीय चौकी के पुलिस कर्मियों ने बताया कि पहले तो हम इस टंकी के नल से अपनी प्यास बुझा लेते थे लेकिन अब हमें नहाने-धोने व अन्य कार्यों के लिए 500 रुपये में टैंकर मंगाना पड रहा है। पीने के लिए तो एक किमी दूर कुंए से पानी लाना पड रहा है। तीनों गांवों के ग्रामीणों मे इस समय भयंकर रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनावों में जो भी प्रत्याशी इस टंकी मे पानी लाएगा उसे ही हम वोट देंगे अन्यथा हमारा वोट नोटा को जाएगा।

कैमला | दाे वर्ष से खाली पड़ी पानी की टंकी।

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