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बीएसएनएल मंे 10 में से 6 कार्मिकों ने लिया वीआरएस

एक वर्ष पहले
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बीएसएनएल की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्कीम के चलते जिला मुख्यालय स्थित निगम कार्यालय से 6 कार्मिकों द्वारा सेवानिवृत्ति लेने से कार्मिकों के अभाव के चलते निगम के उपभेाक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब व्यव्सथाओं को दुरुस्त करने के लिए निगम द्वारा कार्याें को ठेके पर देने की तैयारी की जा रही है।

गौरतलब है कि लंबे समय से घाटे में चल रही सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल ने शुरू की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस योजना के तहत जिला मुख्यालय पर 10 में से 54 से 60 साल की उम्र के 6 कार्मिकों ने गत माह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेली। वहीं एक कर्मचारी सेवाकाल पूरा होने पर सेवानिवृत्त हुआ था। वीआरएस का चयन करने पर 55 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों की पेंशन 60 साल की उम्र पूरी होने पर शुरू होगी। हालांकि एक साथ 6 कार्मिकों के वीआरएस लेने पर बीएसएनएल का कार्य प्रभावित हुआ और एक्सचेंज व टॉवर्स के संचालन व रखरखाव में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मैंन पावर की कमी से जूझ रहे बीएसएनएल के भारी भरकम नेटवर्क को संभालने के लिए अब ठेका प्रथा की तैयारी शुरू कर दी है। बीएसएनएल की अलग-अलग स्कीमों को ठेके पर चलाने के लिए अलग-अलग टेंडर निकाले जा रहे हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में एक माह का समय लग सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एक माह बाद जब ठेकाकर्मी काम पर आएंगे तब तक इसके यूजर्स को सुचारू सेवाएं कैसे मिलेंगी?

निगम कार्यालय में 2017 तक तो एसडीओटी कार्यरत थे लेकिन जब से वह यहां से स्थानान्तरित होकर गए हैं तब से पद खाली ही चल रहा है। वर्तमान में करौली में 3 जेटीओ कार्यरत हैं। जिसमें से एक जेटीओ एनओएफएन स्कीम के तहत ग्राम पंचायतों को डिजीटल करने के लिए डाली जा रही फायवर केवल की देखरेख कर रह हैं। एक जेटीओ ओएफसी के रख रखाव का काम देख रहे हैं तो एक करौली सिटी के ब्रॉडबैंड, लीजलाईन व मोबाइल का कार्य देख रहे हैं।

निगम में कर्मचारियों के अभाव के चलते उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए अप्रेल माह से कार्यों को ठेके पर देने की तैयारी की जा रही है।
अक्षय कुमार मित्तल, कनिष्ठ दूरसंचार अधिकारी, करौली

कराैली। बीएसएनएल में कार्मिकों के अभाव के चलते सूने पड़े कार्यालय।
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