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कैलादेवी कस्बे में नए निर्माणों पर से रोक हटी

5 महीने पहले
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने वर्ष 2017 से लंबित मूलसिंह व अन्य बनाम भारत संघ मामले में कैलादेवी कस्बावासियों को बडी राहत मिली है। दरअसल, कैलादेवी में अतिक्रमण हटाए जाने की कार्यवाही के आधार पर ही एनजीटी कोर्ट ने इस प्रकरण का निस्तारण करते हुए 25 फरवरी को पत्रावली बंद करने का आदेश दिया है। जिसमें, यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कैलादेवी में पुन: अतिक्रमण होता है तो एपलीकेंट फिर से कानूनन फ्रेश एप्लीकेशन लगाने के लिए स्वतंत्र होगा।

बहरहाल, इस केस के बंद होने से कैलादेवी कस्बावासियों को बडी राहत मिली है। एनजीटी के इस आदेश पर कैलादेवी के उप सरपंच राधेश्याम माली के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रविवार को जयपुर पहुंचकर खाद्य मंत्री रमेशचंद मीना के यहां पहुंचकर आभार प्रकट करते हुए खुशी का इजहार किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में विशेष ध्यान देकर खाद्य मंत्री रमेशचंद मीना ने निस्तारण कराने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। वहीं करौली कलेक्टर डॉ.एम.एल.यादव ने भी कैलादेवी के आम व्यक्ति की परेशानी को समझते हुए सकारात्मकता के साथ प्रशंसनीय पहल की। जिसके लिए कैलादेवी वासियों ने आभार प्रकट किया है। इस दौरान उप सरपंच राधेश्याम माली के साथ श्रीफूल बैरवा, चरनलाल ठेकेदार, राधेश्याम मीना, भैंरोलाल मीना, केदार ठेकेदार सहित कई प्रमुखजन मौजूद थे। उन्होंने बताया कि एनजीटी कोर्ट भोपाल में 2017 से लंबित मूलसिंह व अन्य बनाम भारत संघ मामले में 21 अगस्त 2017 के आदेश से कैलादेवी क्षेत्र में पट्‌टे व रजिस्ट्री तथा नये निर्माण पर रोक से कैलादेवी क्षेत्र के आम नागरिक बेहद परेशान चले आ रहे थे। अब इस प्रकरण के निस्तारण होने से कैलादेवी के लोगों को राहत मिलेगी।

करौली| एक प्रकरण का एनजीटी से निस्तारण हो जाने की खुशी में खाद्य मंत्री रमेशचंद मीना का आभार प्रकट करते ग्रामीण्।

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