ठगी की वारदातों का खौफ... कलेक्टर व सीएमएचओ नहीं रखते एटीएम कार्ड

Karoli News - डिजिटल क्रांति के बढ़ते दौर में साइबर क्राइम के साथ ही बैंक एटीएम फ्रॉड की वारदातें भी निरंतर बढ़ रही हैं। इन ठगी की...

Jan 16, 2020, 09:05 AM IST
Karauli News - rajasthan news fear of fraud cases collector and cmho do not keep atm cards
डिजिटल क्रांति के बढ़ते दौर में साइबर क्राइम के साथ ही बैंक एटीएम फ्रॉड की वारदातें भी निरंतर बढ़ रही हैं। इन ठगी की वारदातों से आम उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि जिले के हाकिम सहित कई आला-अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। बैंक एटीएम व ऑनलाइन फ्रॉड केसों की वजह से पीडित व्यक्ति तो खौफजदा रहते ही हैं,मगर ऐसी वारदातों के ही डर से करौली जिले में कलेक्टर डॉ.मोहनलाल यादव एवं सीएमएचओ डॉ.दिनेशचंद मीना तो बैंक एटीएम कार्ड ही नहीं रखते हैं। इतना ही नहीं, दोनों अधिकारी अपना बैंक एटीएम कार्ड ही तोड़कर इस प्रकार के लेन-देन से तौबा कर चुके हैं।

दरअसल, यह अनछुआ दर्द बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में नजर आया। हालांकि, अंत में इस वाकये को कलेक्टर ने हंसी-ठिठोली करार देते हुए एलडीएम से कहा कि इसके लिए जिले में जन जागरुकता अभियान जरूर चलाएं। ताकि, बैंकिंग व एटीएम कार्ड स्तर की ठगी की वारदातों का आम उपभोक्ता शिकार नहीं हो सके। साथ ही सीए अतरसिंह को भी इस प्रकार के मामलों की एलडीएम को भी जानकारी देने के निर्देश दिए। बैठक में एसीपी विनोद मीना ने बताया कि बढ़ती टेक्नोलॉजी से आसानी हुई है,वहीं थोडी ही चूक हो जाने से खतरे भी बढे हैं।

लिहाजा, हाल ही पेटीएम से ठगी, एसएमएस व बैंकिंग अधिकारी बन कॉल के जरिये पासवर्ड व कार्ड नंबर मांगने तथा एप डाउनलोड करने जैसे कई मामले भी निरंतर सामने आ रहे हैं। वैसे इस प्रकार की गलतियां यूजर की गलतियों की वजह से ही घटित होती है, इसलिए यूजर को इनके इस्तेमाल की सही जानकारी व बचाव के उपाय तथा सतर्कता के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता भी है।

सीएमएचओ के खाते में सालभर बाद आए दो लाख रुपए

सीएमएचओ डॉ.दिनेशचंद मीना ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बैठक में बताया कि पिछले साल फरवरी में उनके साथ बैंक एटीएम कार्ड की वजह से दो लाख की ठगी हो चुकी है। जबकि, उस दौरान एटीएम कार्ड भी जेब में ही था, फिर भी उनके खाते से रुपयों की अवैध तरीके से निकासी हो गई। बैंकिंग स्तर पर खूब चक्कर काटे,मगर सुनवाई नहीं हुई तो आहत होकर उन्होंने एटीएम कार्ड ही तोड़ दिया, तब से वे इस्तेमाल ही नहीं करते हैं। हालांकि, इस ठगी की शिकायत बैंक लोकपाल से की तो सालभर बाद अब न्याय मिल पाया है। हाल ही उनके खाते में राशि भी वापिस डाल दी गई है।

झांकी निकालने के इश्यू पर सामने आई यह पीड़ा

दअरसल, गणतंत्र दिवस समारोह में एलडीएम की ओर से पहले कभी भी झांकी नहीं निकाले जाने के तर्क पर कलेक्टर यादव ने मुद्रा योजना व अन्य जागरुकता के लिए झांकी निकालने की अनिवार्यता बताई। वहीं बैठक में मौजूद सीए अतरसिंह ने सुझाव दिया कि इन दिनों बैंक एटीएम से फ्रॉड बढ़ रहा है,खाताधारकों के रुपये पार हो रहे हैं, ऐसे में बैंक एटीएम फ्रॉड से बचाव को लेकर जन जागरुकता के लिए झांकी निकाल सकती है। इस पर चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इन ठगी के मामलों को लेकर ही कलेक्टर डॉ.एम.एल.यादव और सीएमएचओ डॉ.दिनेशचंद मीना बैंक एटीएम कार्ड ही नहीं रखते हैं। कलेक्टर यादव ने कहा कि कई साल पहले उनके एक साथी आईएएस के साथ घटित वारदात से सीख लेकर वे एटीएम कार्ड ही नहीं रखते हैं। उनका कहना रहा कि वे खाते में सैलेरी आते ही, तुरंत लोन एकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं।

X
Karauli News - rajasthan news fear of fraud cases collector and cmho do not keep atm cards
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना