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महिलाओं को दी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी

एक वर्ष पहले
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गांवों में महिलाओं को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक व संगोष्ठी का आयोजन

मासलपुर| महिलाओं को जागरूक करते संस्था के पदाधिकारी।

कुडगांव| लेदिया में किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी।

खेड़ला| किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव के बारे में जानकारी दी गई।

मासलपुर| अलवर मेवात शिक्षा व विकास संस्था की ओर से यह कहानी बदलनी है परियोजना के तहत क्षेत्र के गांवों में महिलाओं को जागरूक करने के लिए नुक्कड नाटक व संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

परियोजना के समन्वयक कमलेश्वर ने बताया कि गुरूवार को नारायणा संकुल के गांव गुबरेडा, खेडिया व भऊआपुरा गांव में नुक्कड़ नाटक और संगोष्ठी के माध्यम से गैर- बरावरी, अंधविश्वास, छेडछाड़ व दहेज प्रथा पर अभिनय किया गया। गुबरेडा में महावारी से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में बताया गया। इस अवसर पर महिलाओं को सरकार की योजनाओं के बारे में भी बताया। कमलेश्वर ने बताया कि उनकी संस्था की ओर से गांव - गांव में चेंज एजेन्टों की ओर से महिलाओं को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर उनके साथ संस्था के बाबूलाल भी साथ थे।

कुड़गांव| राजकीय उमावि लेदिया में अलवर मेवात शिक्षा व विकास संस्थान एमिड के सहयोग से संचालित फाया परियोजना के अंतर्गत किशोरियों के यौन व प्रजनन के बारे में कार्यक्रम आयोजित किया गया। संकुल समन्वयक विमला मीना ने कार्यक्रम में किशोरियों को किशोरावस्था के लक्षण, शारीरिक बदलाव, व्यवहार व भावनात्मक बदलाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यौन प्रजनन,स्वास्थ्य,एनीमिया,महावारी,पोषण, किशोर अवस्था में होने वाले शारीरिक व मानसिक बदलावों की जानकारी दी। बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में लोगों को जागरूक करने की बात कही।

खेड़ला/जीरोता| राउप्रावि गांवदा व भागीरथपुरा में अलवर मेवात शिक्षा व विकास संस्थान एमिड के सहयोग से संचालित फाया परियोजना के अन्तर्गत किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव के बारे में जानकारी दी गई।

संकुल समन्वयक रेखा मीना ने कार्यक्रम में 13 से 17 साल की किशोरियों को किशोरावस्था के लक्षण,शारीरिक बदलाव को लेकर किशोरियों एवं किशोरों में एक अजीब सा कौतूहल रहता है। इस अवस्था में शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक बदलावों के प्रति जरूरी जानकारी दी जानी चाहिए। इससे किशोर - किशोरियों के स्वभाव व नैतिक व्यवहार को सही दिशा में मिलती है। किशोर - किशोरियों को सही समय पर उचित जानकारी नहीं मिलने पर वह गलत रास्ते पर चल पड़ते हैं। आज के किशोर कल के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। इसलिए किशोरावस्था में ही उन्हें यौन शिक्षा दिया जाना नितांत आवश्यक है। किशोरियों में इस अवस्था में होने वाली प्रथम माहवारी के बारे में वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित जानकारी दी। एनीमिया के कारण व निदान के उपाय बताए। बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ भागीरथपुरा में किशोरियों का पोस्ट टेस्ट भी लिया गया। कार्डिनेटर वेदप्रकाश बैरवा ने कहा कि किशोरावस्था में बालकों - बालिकाओं में अनेक शारीरिक व मानसिक परिवर्तन होते हैं। यह हमारे जीवन की सबसे संवेदनशील अवस्था होती है। इस अवस्था में भावनात्मक सुरक्षा एवं उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

बालघाट| ग्राम सिंघनिया में शौर्य संस्थान के तत्वावधान में नशा मुक्ति जागरूकता व कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता शिविर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेद औषधालय शेखपुरा प्रभारी डॉ.बाबूलाल मीना व सहायक निदेशक आयुर्वेद विभाग करौली डॉ.सुरेश चन्द शर्मा ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी तथा निरोगी राजस्थान कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि सभी लोग स्वस्थ्य रहे। इस अवसर पर शौर्य संस्थान के अध्यक्ष मुनीम राम,वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश मीना, सामाजिक सचिव हंसराम गुरूजी, सुरेश चन्द,रूपसिंह व लोकेश मीना आदि उपस्थित थे। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
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