विकास की दौड़ में करौली पिछड़ा, 18वें पायदान से गिर कर अब सबसे नीचे 28वीं रैंक पर

Karoli News - डांग जिला करौली विकास की रैंकिंग में पूरे प्रदेश में सबसे फिसड्डी रहा है। राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:50 AM IST
Karauli News - rajasthan news karauli is backward in the race of development falling from the 18th position to the bottom 28th rank
डांग जिला करौली विकास की रैंकिंग में पूरे प्रदेश में सबसे फिसड्डी रहा है। राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से जारी रैंकिंग में करौली 28वीं रैंक के साथ सबसे निचले पायदान पर है। जबकि, फ़र्स्ट रेंक के साथ अजमेर सबसे अव्वल रहा है। कलेक्टर की इस रिपोर्ट कार्ड के बाद ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वरसिंह ने योजनावार प्रोग्रेस बढ़ाने तथा जिले की रैंकिंग सुधार के लिए विशेष निर्देश दिए हैं।

रैंकिंग जारी करने का शतकीय पैमाना

राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से विकास की सालाना रैंकिंग जारी करने का अंक गणितीय पैमाना है। इसमें प्रमुख सरकारी योजनाओं की प्रगति व लक्षित क्रियान्विति के अनुरूप अलग-अलग 100 अंक का फॉर्मूला निर्धारित है। इसमें ग्रामीण विकास 12, पंचायती राज 6, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 18, आजीविका 15, स्वच्छ भारत मिशन 9 एवं मनरेगा के 40 अंक विभाजित हैं। इस अंकीय फॉर्मूले के तहत मिलने वाले अंकों के अनुपात के आधार पर ही रैंकिंग जारी होती है।

करौली को 100 में से मिले महज 34.75 अंक

योजना पूर्णांक प्राप्तांक

ग्रामीण विकास 12 3.75

पंचायती राज 6 3

पीएमएवाई-जी 18 8

राजीविका 15 4

एसबीएम 9 2

महानरेगा 40 14

कलेक्टर की परफॉर्मेंस का पैमाना भी सालाना रैंकिंग

राज्य सरकार की ओर से जारी विकास की सालाना रैंकिंग जिले में कलेक्टर का रिपोर्ट कार्ड भी होता है। यह रैंकिंग वित्तीय वर्ष के सरकारी स्कीमों की वर्किंग के आधार पर तय होती है। जिले में इन प्रमुख योजनाओं की मॉनिटरिंग सीधे तौर पर कलेक्टर की होती है, इसलिए यह उनकी परफॉर्मेंस का पैमाना भी माना जाता है।

पंचायत समितिवार रैंकिंग में नादौती अव्वल, टोडीभीम सबसे पीछे

जिले में ब्लॉक नादौती-1, मंडरायल-2, हिंडौनसिटी-3, करौली-4, सपोटरा-5 एवं टोडाभीम पंस की 6ठी रैंक जारी की गई है।

देश के 115 अति पिछड़े जिलों की सूची में भी करौली

वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान मार्च तक मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, ग्रामीण विकास योजनाएं, स्वच्छ मिशन-ग्रामीण एवं आजीविका के निर्धारित मापदंड के अनुसार जिले की प्रगति के अनुरूप राज्य सरकार ने रैंकिंग जारी की है। सरकारी योजनाओं का ग्रास रूट पर क्रियान्वयन एवं प्रोग्रेस की हकीकत जानने के लिए राज्य सरकार ने विकास की सालाना रैंकिंग जारी करने का प्रावधान किया है। ताकि, वांछित परिणाम नहीं देने वाले जिलों पर विशेष फोकस के साथ आवश्यक सुधार के प्रयास जा सकें। वहीं योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग होने के कारण इस रैंकिंग को कलेक्टर का रिपोर्ट कार्ड भी माना जाता है। जिला परिषद के एमआईएस मैनेजर ज्योतिर्मय मुखर्जी ने बताया कि सीईओ दुर्गेश कुमार बिस्सा के निर्देशानुसार 17 मई को जिले में स्कीमवार पंचायत समितिवार रैंकिंग जारी की गई है। उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की ओर से देश के 115 अति पिछडे जिलों में करौली भी शामिल है।

ब्लॉकवार प्रोग्रेस पर जोर देंगे


विकास की रैंकिंग सुधारेंगे


X
Karauli News - rajasthan news karauli is backward in the race of development falling from the 18th position to the bottom 28th rank
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना