शादी के बाद जिंदगी में अच्छा बदलाव आया

Karoli News - पंजाब आकर लगता है कि यहीं का हो जाऊं। यहीं के रंग में रंग जाऊं। हर किसी से पूछूं स्वैग के बारे में। जिस तरह जब फिल्म...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 09:05 AM IST
Kariri News - rajasthan news life has changed after marriage
पंजाब आकर लगता है कि यहीं का हो जाऊं। यहीं के रंग में रंग जाऊं। हर किसी से पूछूं स्वैग के बारे में। जिस तरह जब फिल्म उरी आई तो उसका डायलॉग- “हाउ इज द जोश’ बहुत चलन में रहा। ठीक वैसे ही आजकल “हाउ इज द स्वैग ब्रो’ मेरी पंच लाइन है। अपने इस डायलॉग के साथ वीरवार काे रूबरू हुए एक्टर शाहिद कपूर। कभी मुस्कराते हुए, कभी बच्चों की तरह नटखट व मासूम बनकर। मसखरे अंदाज में बातें करना, सामने वाले के सवाल पर सवाल करना और उसी बातचीत को यंकी स्टाइल का बना देना। दरअसल, यह अंदाज दिखा एक्टर शाहिद कपूर का होटल ताज-17 में। खास बातचीत में उन्होंने फिटनेस, नामी बैनर्स से पड़ने वाले फर्क, किरदारों के चयन, अपने पिता पंकज व प्रेरणा पर बात की। शाहिद बोले- अगर कोई यह कहता है कि फिल्म बैनर की वजह से हिट हुई तो यह बात बिल्कुल बेबुनियाद है। पहले दौर था जब बैनर्स को ज्यादा तरजीह मिलती थी। अब बैनर से इतना फर्क नहीं पड़ता। आजकल जो स्टार बनते हैं वो असलियत में अपनी फिल्मों की सलेक्शन की वजह से। यानि किसी तरह के सिनेमा का आप हिस्सा बने हैं वो मायने रखता है। यह फिजूल की बात हैं कि एक ब्रैंड की वजह से स्टार हिट है। वो वक्त पहले था जब फिल्म एक्टर या डायरेक्टर के नाम पर चल जाती थी, लेकिन अब दर्शक चीजों का आकलन करते हैं।

शाहिद बोले- सच कहूं तो चंडीगढ़ शहर मेरे पसंदीदा शहरों में एक है। यहां एक अलग तरह की वाइब है। मुंबई के मुकाबले यहां की सड़कें काफी उम्दा हैं। हरियाली वाली एकदम खुली डुली और साफ सुथरी जगहें। मन करता है कि इन्हें अपने साथ लेकर वापिस जाऊं। क्योंकि मुंबई में खड्‌डों के सिवाय ऐसा कुछ देखने को नहीं मिलता। जब यहां आता हूं तो एक दिन के लिए अपनी डाइट के शेड्यूल को भूल जाता हूं। परांठे जमकर खाता हूं।

Face to Face

वीरवार काे शाहिद कपूर शहर पहुंचे थे। बैनर, फिटनेस, अपनी फैमिली से लेकर किरदारों के चयन पर बात की।

शादी को इंडोर्स करता हूं

शाहिद ने कहा- अलग तरह की वाइब साथ रहती है जब बच्चों के साथ रहता हूं। जब उनके साथ हाेता हूं ताे वक्त का पता ही नहीं लगता। अकसर लोगों को कहते सुना है शादी के बाद जिंदगी थम जाती है। ऐसा नहीं है, बल्कि मैं शादी को खुद इंडोर्स करता हूं। वास्तविकता में शादी लाइफ की एक एक्सटेंशन है, जो अच्छे के लिए होती है। मेरी जिंदगी में तो अच्छा बदलाव आया है। एक पिता होने के मायने का पता लगा है। खास लम्हा होता है जब अपने बेटे के साथ में खेलता हूं। अच्छा और पॉजिटिव लगता है। मेरी बेटी अपनी मां से काफी कनेक्टेड है। चाहे मेकअप को लेकर बात हो या फिर सजने काे लेकर, दोनों साथ में क्या बातें करती रहती हैं मुझे कुछ समझ नहीं आता।

वेजिटेरियन रहकर शांत बन सकते हैं

हेल्थ टिप पर बोले- आजकल के वक्त मेंं मेंटल हेल्थ बेहद जरूरी है। यह वेजिटेरियन रहने से संभव है, क्योंकि इससे एग्रेशन दूर दूर तक जहन में नहीं आता। एकदम शांत मिजाज़ रहता है। मैं खुद वेजिटेरियन हूं। शराब को हाथ नहीं लगाता। साथ में हेल्दी चीजें लेना पसंद करता हूं।

पंजाबी है तो यूनीक होंगे ही

पंजाबियत पर बोले- पंजाबी हैं तो कुछ यूनीक होगा ही न। मैं खुद पंजाबी हूं। डैड लुधियाना में रहे हैं। इस लिहाज से यहां से करीबी रिश्ता है। स्पिरिचुअल लर्निंग के नाते भी। मैं खुद राधा स्वामी हूं। अकसर अमृतसर एयरपोर्ट से उतरकर ब्यास जाना होता है।

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