पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Mahu Ibrahim News Rajasthan News Mahu39s Hanuman Fair Today Will Be Flooded

महू का हनुमान मेला आज, उमड़ेगा सैलाब

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जन-जन के आराध्य देव गांव महू का हनुमान का मेला शनिवार को भव्य रुप से भरेगा। मेले को देखने के लिए तीन गांव महूइब्राहिमपुर, महूखास और महूदलालपुर सहित कई गांवों के लाखों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होंगे और भगवान हनुमान के दर्शन कर मनौतियां मांगंगे। मेले के अवसर पर बैंडबाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें कई देवी-देवताओं की सजीव झांकियां शामिल होंगी।

महू का मेला होली के पांच दिन बाद प्रत्येक वर्ष वैशाख मास की पंचमी को भरता है। यह मेला करीब 300 वर्ष पुराना है। इस मेले के माध्यम से जहां भगवान के प्रति भक्ति और श्रद्धा के दर्शन होते हैं, वहीं यह मेला शक्ति, संघर्ष और एकजुटता की याद भी ताजा करता है। हिंडौन क्षेत्र के तीन गांव महूइब्राहिमपुर, महूखास और महूदलालपुर के ग्रामीण होली के बाद वैशाख पंचमी आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

वैसे तो मेले की तैयारियां एक माह पूर्व शुरु हो जाती है। महूइब्राहिमपुर के सीतारामजी मंदिर से शुरु होने वाला यह मेला करीब एक किलोमीटर की यात्रा पूरी कर महूखास के राधारमण मंदिर पहुंचता है। इस एक किलोमीटर तक हजारों महिला-पुरुष और बच्चों की भीड़ मेले में शामिल झांकियों को देखने के लिए जमा रहती है। इसके अलावा हिंडौन के पुलिस और प्रशासन का भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था की दृष्टि से पूरा सहयोग मिलता है। जहां दिन के समय पचासों धार्मिक झांकियां, जिनमें मुख्य रुप से
बालाजी की झांकी अहम होती है, आकर्षण का केन्द्र रहती है।

मेहमान नवाजी के लिए प्रसिद्ध

हनुमान मेले के उपलक्ष्य में घर-घर में पकवान बनेंगे और बाहर से आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। तीन गांवों के करीब 5 हजार से ज्यादा घरों में कोई भी ऐसा घर शेष नहीं रहेगा, जहां पकवान नहीं बनेंगे।

इसके अलावा मेहमानों की भी भीड़ बनी रहेगी। मेले के दिन कस्बे के निवासी लोग अपने रिश्तेदारों को पूरे सत्कार के साथ आमंत्रित करते हैं और उनकी दिनभर आवभगत करते हैं। यह मेला जहां मेहमानवाजी के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है, वहीं मेले में कौमी एकता के भी दर्शन होते हैं। हिन्दू और मुस्लिम समाज के लोग बढ़चढ़कर मेले में भाग लेते हैं और दोनों ही समाजों के लोग एक-दूसरे के घरों पर जाकर पकवानों का लुत्फ उठाते हैं।

मेला कमेटी और पंच-पटेलों के साथ सामाजिक संगठनों द्वारा मेले में आने वाले प्रमुख लोगों और प्रतिभाओं का सम्मान और स्वागत भी किया जाता है।

महू का यह मेला दो दिन तक चलता है। मेले का दूसरा दिन खासतौर पर महिलाओं का होता है। महिलाएं मेले में लगने वाली दुकानों से खूब खरीदारी करती हैं। मेले में हाथों पर टेटू एवं नाम आदि गुदवाए जाते हैं।
इस कारण इस मेले को गुदनी मेले के नाम से पुकारा जाता है।

हिंडौन ग्रामीण| हनुमान मेले के उपलक्ष्य में निकाली शोभायात्रा में सजाई गई सजीव झांकी।

महूइब्राहिमपुर| हनुमानजी की प्रतिमा।

हिंडाैन सिटी| भागवतकथा में मौजूद श्रद्धालु।
खबरें और भी हैं...