मांसाहार-शराब-बीड़ी से दूर है तीन गांवों में बसी 1500 की आबादी

Karoli News - उपखंड मुख्यालय से मात्र 8 किलोमीटर दूर स्थित गांव सादपुरा में देश का प्रमुख सतनामी गुरूद्वारा है जहां देश के...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 10:26 AM IST
Todabheem News - rajasthan news population of 1500 people living in three villages away from manashahar alcohol bidi
उपखंड मुख्यालय से मात्र 8 किलोमीटर दूर स्थित गांव सादपुरा में देश का प्रमुख सतनामी गुरूद्वारा है जहां देश के विभिन्न अंचलों से लोग पहुंचते हैं। इस गांव के स्थानीय ग्रामीणों सहित समीप के दो गांव टोडी व मोनापुरा के ग्रामीण नशा व मांसाहार से तो दूर है ही इसके अलावा इन तीन गांवों में निवास करने वाले ग्रामीण बीड़ी, सिगरेट तथा तंबाकू तक का सेवन नही करते। इसके लिए ग्रामीणों की कोई पंचायत द्वारा पाबंदी नही की गई है बल्कि इन तीनों गांवों की समूची आबादी सतनामी गुरूद्वारे से जुड़े होने के चलते सदियों से बनी इस परंपरा को निभाते चले आ रहे है। गांव सादपुरा में सतनामी गुरूद्वारा के साद बाबा के तीन गांवों के समूचे ग्रामीण भक्त है जहां मांसाहार व नशे से दूर रहने के साथ सत्य बोलने का संदेश दिया जाता है। साद बाबा के इस संदेश का आज भी ग्रामीण अक्ष रत पालन कर रहे हैं। इस गांव के सैकड़ों युवा गांव से दूर बड़े शहरों में रह कर नौकरी या फिर अध्ययन कर रहे हैं लेकिन अपने गांव की इस परंपरा को अपना कर अपना भविष्य तय करने में लगे हुए। गांव में विवाह के बाद जब नई नवेली दुल्हन जब अपनी ससुराल में पहला कदम रखती है तो वह साद बनकर समूचे जीवन इस परंपरा को निभाने के साथ अपनी भावी पीढ़ी को भी इस मार्ग की ओर अग्रसर करती है।

गांव मे ंनहीं कोई दुकान

तीन गांव, 15 सौ की आबादी लेकिन इन गांवों में नही है कोई दुकान शहर हो या गांव जहां पर दुकानें संचालित हैं वहां की दुकानों पर बीडी, सिगरेट और तंबाकू भरपूर बिक्री भी होना स्वाभाविक है लेकिन मांसाहार और नशा मुक्त इन तीनों गांवों में कोई दुकान नही है।

जरूरत का सामान टोडाभीम से खरीदते हैँं

गांव के लोग बीड़ी, सिगरेट व तंबाकू का तो सेवन करते नही हैं और जो आवश्यक खाने-पीने व नियमित जरूरी सामान की खरीददारी उपखंड मुख्यालय से कर लेते है इसलिए गांव में दुकान नहीं है।

पूर्णमासी को पहुंचते हैं हजारों भक्त

प्रत्येक माह की पूर्णमासी को पहुंचते है हजारों भक्त गांव में स्थित सतनामी गुरूद्वारे में साद बाबा श्री उमेश दास जी महाराज 14वें गुरू है। स्थानीय निवासी रामचरण मीना ने बताया कि प्रत्येक माह की पूर्णमासी पर मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में समूचे गांव के ग्रामीणों सहित देश के विभिन्न अंचलों से आने वाले श्रद्धालु खीर, पुआ की प्रसादी पाते है। शहर की आबो हवा से दूर गांव की परपंराओं को निभाते है ।

गांव से बाहर रहने वाले युवा भी नशे से दूर

गांव के सैकड़ों युवक देश के कई शहरों में कर्मचारी हैं या फिर अध्ययन कर रहे है लेकिन मांसाहार व नशे दूर बने है। मांसाहार, नशे से दूर सत्य बोलने वाला ही साद गांव के वृद्ध बद्री मीना, मूलचंद तथा वृद्धा सुमली ने बताया कि सादपुरा, टोडी व मोनापुरा तीन गांवों में रहने वाले साद बाबा के शिष्य होने से साद कहलाते है। साद का तात्पर्य है मांसाहार, नशे दूर रह कर सत्य बोलना, इन ग्रामीणों का कहना है कि इन तीनों गांवों में कोई भी व्यक्ति मांसाहारी नही है, शराब को कोई भी व्यक्ति सेवन नही करता यहां तक की ग्रामीण बीडी, सिगरेट तथा तंबाकू के सेवन से भी दूर है।

टोडाभीम। गांव सादपुरा में सतनामी सादबाबा गुरूद्वारा एवं गांव का प्रवेश द्वार, सादपुरा सहित इसके पास के दो गांवों के ग्रामीण मांसाहार तथा नशे के रूप में शराब, बीडी, सिगरेट तथा तंबाकू से परहेज रखते है।

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