रेलवे पार काॅलोनी के पास मिली खोपड़ी
पुलिस का रेलवे पुलिस से तालमेल नहीं...दो दिन से मिली खोपड़ी के बावजूद अभी तक रेलवे पुलिस से भी इस बारे संपर्क नहीं किया है। इससे पता चलता है कि स्थानीय पुलिस का रेलवे पुलिस से कोई तालमेल नहीं है। बहरहाल, भास्कर ने दोनों के बीच एक कड़ी का काम किया क्योंकि डेराबस्सी वेलकम लाइट कैंटर यूनियन के पीछे 18 फरवरी की रात रेलवे ट्रैक पर एक युवक ने खुदकुशी की थी। उसका धड़ ट्रैक के बीचों बीच मिला था जबकि सिर ढूं़ढृने पर भी नहीं मिल सका। मृतक की शिनाख्त 20 वर्षीय अमित पुत्र राजू वासी हरिद्वार हाल वासी जीरकपुर लोहगढ़ के तौर पर हुई थी। वैसे भी जहां खोपड़ी मिली है, वह न केवल घटनास्थल से महज आधा किमी दूर है, बल्कि उसकी दिशा में सिर के बिना धड़ बरामद हुआ था। खोपड़ी न मिलने के पीछे रेलवे पुलिस के रशपाल सिंह ने दो वजह का अंदेशा जताया था। पहला, यह कि कई बार सिर इंजन के पहिए में फंसने से घटनास्थल से कहीं दूर तक लिपटा रह जाता है जो आगे कहीं गिर सकता है।
भांखरपुर की गुरुनानक नगर के पीछे खाली जमीन में एक कंकानुमा मानवीय खोपड़ी मिली है। इस खोपड़ी काफी पुरानी लगती है जिसे आवारा कुत्ते कहीं से घसीट कर कालोनी के निकट तक ले आए। इसे रेलवे ट्रैक पर तीन हफ्ते पहले मिले एक युवक के सिर विहीन शव से जोड़कर देखा जा रहा है। बहरहाल, खोपड़ी को डेराबस्सी सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है जहां रेलवे पुलिस इसकी जांच करेगी।
जानकारी देते हुए मुबारिकपुर पुलिस चौकी के इंचार्ज एसआई नरपिंदर सिंह ने बताया कि बीती शाम गुरुनानक नगर कालोनी के पीछे एक मानवीय खोपड़ी मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने वहां पहुंचकर देखा तो खोपड़ी पुरानी थी। कुछ रोज पुरानी होती तो उस पर मक्खियां ज़रुर भिनभिना रही होती परंतु ऐसा कुछ नहीं था। खोपड़ी के नीचे गर्दन से बाकी कंकाल गायब था। सभी दांत मौजूद होने से यह खोपड़ी किसी बुजुर्ग की बजाय युवा की लगती है।