महावीर जयंती पर विशेष : देश का गौरव स्थल है श्रीमहावीरजी

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Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 08:35 AM IST
Karauli News - rajasthan news special on mahavir jayanti the pride of the country is shri mahavirji
तरुण कुमार सैनी | श्री महावीर जी

दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी भारत के सबसे बड़े प्रांत राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन उपखंड में गंभीर नदी के पश्चिम तट पर चांदनगांव में जिसे नौरंगाबाद भी कहा जाता है। भगवान महावीर के अतिशय क्षेत्र प्रतिमा के कारण यह स्थान आज श्रीमहावीरजी के नाम से विख्यात है। चंदनपुर गांव के महावीर की शांत मनोयोग, तेजो मूर्ति, अतिशयकारी दिगंबर प्रतिमा के दर्शन ही भक्तों के मन को बांध लेते हैं। सर्वधर्म समभाव का प्रतीक यह सर्वोदय तीर्थ तीर्थंकरों की परंपरा में 24वंे तीर्थंकर श्रीमहावीरजी की प्रतिमा का उद्‌भव स्थल है। वैशाली गणराज्य में लगभग 2600 वर्ष पूर्व चैत्र शुक्ला त्रयोदशी को वैशाली कुंड ग्राम में जन्मे महावीर ने जनमानस में अहिंसा अपरिग्रह और अनेकांत के मूल्यों की प्रतिष्ठा कर प्राणी मात्र के कल्याण का मार्ग प्रस्तुत किया है। इस तीर्थ क्षेत्र के बारे में बताया जाता है कि लगभग 700 वर्ष पूर्व चांदन गांव में विचरण करने वाली एक गाय का दूध गंभीर नदी के पास एक टीले पर अपने आप ही झड़ जाता था। गाय जब कई दिनों तक बिना दूध के घर पहुंचती रहती तो ग्वाले ने कारण जानने के लिए गाय का पीछा किया जब ग्वाला ने यह चमत्कार देखा तो उत्सुकता बस उसने टीले की खुदाई की वहां भगवान महावीर की यह दिगंबर प्रतिमा प्रगट हुई। यह तीर्थ आज संपूर्ण भारत का गौरव स्थल बन गया है। मुख्य जिनालय- भगवान महावीर की प्रतिमा से प्रभावित होकर बसवा निवासी अमरचंद विलाला ने यहां मंदिर का निर्माण करवाया जिसे कटला कहा जाता है। मंदिर के मुख्य बेदी में भूगर्भ से प्राप्त भगवान महावीर स्वामी जी की प्रतिमा विराजित है।

मुख्य द्वार के सम्मुख 52 फीट ऊंचा संगमरमर से निर्मित मान स्तंभ है जिसके शीर्ष पर 4 तीर्थंकरों की प्रतिमाएं है यह मान स्तंभ दूर से ही आकर्षित करते हैं।

भगवान महावीर की प्रतिमा के उद्भव स्थल पर एक रचनात्मक छतरी में भगवान महावीर के चरण चिन्ह प्रतिष्ठित हैं आज भी यहां दुग्ध अभिषेक करने की होड़ लगी रहती है चरण छत्री के सामने ही 31 फीट ऊंचा महावीर स्तूप है। इसका निर्माण भगवान के 2500 वे निर्वाण उत्सव वर्ष में हुआ था।

प्रबंध कारिणी कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल मंत्री महेंद्र कुमार पाटनी ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी आवक को देखते हुए कमेटी ने एक नई आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल उमराह मल धर्मशाला तैयार की है।

श्रीमहावीरजी| मूलनायक प्रतिमा भगवान महावीर स्वामी की।

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