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नगर परिषद, पुलिस और पावरकॉम में स्टाफ कम, टाइम पर नहीं होते काम

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 04:55 AM IST

Karoli News - जीरकपुर शहर जिस तेजी से ग्रोथ कर रहा है, उसके अनुसार यहां सरकारी विभागों में कर्मचारी नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। इसका...

Kariri News - rajasthan news staff at the city council police and powercom are not short on time work
जीरकपुर शहर जिस तेजी से ग्रोथ कर रहा है, उसके अनुसार यहां सरकारी विभागों में कर्मचारी नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। इसका सीधा असर पब्लिक सर्विस के कामों पर पड़ रहा है। यहां तीन विभागों से पब्लिक का रोजाना का काम पड़ता है। पावरकॉम, नगर परिषद और पुलिस स्टेशन। तीनों में कर्मचारी बेहद कम हैं। जीरकपुर शहर में रेजिडेंशियल कॉलोनियों, हाइराइज्ड अपार्टमेंट और शहर में शामिल किए गए गांवों में रहने वालों को जोड़कर तीन लाख से ज्यादा की जनसंख्या है। पंजाब सरकार की ओर से यहां की पब्लिक को तमाम तरह की सर्विसेज देने के लिए जितना काम यहां होना चाहिए नहीं किया गया है। यहां पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। यहां 14 अधिकारी, चार क्लर्क व 9 ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी हैं। इनके ऊपर डेवलपमेंट वर्क, पानी सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट्स, सफाई, पार्कों की मेंटेनेंस, नए पार्क बनाने और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का जिम्मा है। इन सभी कामों के लिए यहां कम से कम 100 कर्मचारियों, जिसमें एसडीओ, जेई, क्लर्क यहां एमसी आॅफिस में तैनात होने चाहिए। इसमें सफाई कर्मचारी और एन्क्रोचमेंट हटाने वाले कर्मचारी शामिल नहीं हैं। सफाई और एन्क्रोचमेंट को हटाने के लिए कम से कम 300 कर्मचारियों की जरूरत है। हालत यह है कि एमसी आॅफिस मेंं किसी भी सर्विस के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं।


एमसी: न टाइम पर नक्शा पास होता है और न चेकिंग होती है

जीरकपुर एमसी के पास बिल्डिंग ब्रांच में कर्मचारियों की कमी है। नक्शा पास करने में समय लगता है। अगर नक्शा पास हो गया तो उसके निर्माण को चेक नहीं किया जाता है। गलत निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो पाती। इससे पूरे शहर की शक्ल ही बिगड़ रही है। अब तो लोग बिना नक्शा पास किए ही कंस्ट्रक्शन कर रहे हैं। जो कर्मचारी हैं, उन्हें भी ही कामचलाऊ काम करने की आदत पड़ गई है। जीरकपुर एमसी ऑफिस में गलत निर्माण रोकने के लिए रोजाना शिकायतें जाती हैं, लेकिन काम किसी-किसी पर ही होता है।

सिटी रिपोर्टर | जीरकपुर

जीरकपुर शहर जिस तेजी से ग्रोथ कर रहा है, उसके अनुसार यहां सरकारी विभागों में कर्मचारी नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। इसका सीधा असर पब्लिक सर्विस के कामों पर पड़ रहा है। यहां तीन विभागों से पब्लिक का रोजाना का काम पड़ता है। पावरकॉम, नगर परिषद और पुलिस स्टेशन। तीनों में कर्मचारी बेहद कम हैं। जीरकपुर शहर में रेजिडेंशियल कॉलोनियों, हाइराइज्ड अपार्टमेंट और शहर में शामिल किए गए गांवों में रहने वालों को जोड़कर तीन लाख से ज्यादा की जनसंख्या है। पंजाब सरकार की ओर से यहां की पब्लिक को तमाम तरह की सर्विसेज देने के लिए जितना काम यहां होना चाहिए नहीं किया गया है। यहां पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। यहां 14 अधिकारी, चार क्लर्क व 9 ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी हैं। इनके ऊपर डेवलपमेंट वर्क, पानी सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट्स, सफाई, पार्कों की मेंटेनेंस, नए पार्क बनाने और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का जिम्मा है। इन सभी कामों के लिए यहां कम से कम 100 कर्मचारियों, जिसमें एसडीओ, जेई, क्लर्क यहां एमसी आॅफिस में तैनात होने चाहिए। इसमें सफाई कर्मचारी और एन्क्रोचमेंट हटाने वाले कर्मचारी शामिल नहीं हैं। सफाई और एन्क्रोचमेंट को हटाने के लिए कम से कम 300 कर्मचारियों की जरूरत है। हालत यह है कि एमसी आॅफिस मेंं किसी भी सर्विस के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं।


कम्प्लेंट पर आते ही नहीं कर्मचारी... पावरकॉम के पास 50 से भी कम पक्के कर्मचारी हैं। इनके अलावा कुछ अस्थाई ताैर पर काम कर रहे हैं। जरूरत 150 कर्मचारियों की है। इससे पब्लिक के काम पर बुरा असर पड़ रहा है। लोगांे की शिकायतों पर समय पर काम नहीं होता है।



पूरे शहर की सुरक्षा सिर्फ 70 कर्मचारियों पर... दो पुलिस स्टेशन और एक चौकी है। इन सभी जगहों पर करीब 70 मुलाजिम तैनात किए गए हैं। जबकि यहां दो पुलिस स्टेशन व तीन चौकियों के लिए इससे दोगुने स्टाफ की जरूरत है।

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