- Hindi News
- National
- Kariri News Rajasthan News Temple Built In Singpura Demolished Outrage Among Locals People Heard From Tehsildar
सिंगपुरा में बना मंदिर गिराया, स्थानीय लोगों में आक्रोश, तहसीलदार से लोगों की कहासुनी
नायब तहसीलदार से हुई कहासुनी...शनिवार को मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार जीरकपुर वरिंदर धूत को लोगों ने पूछा कि किस आधार पर आपने यह कार्रवाई की और किस ऑर्डर की पालना के लिए यह सब किया गया। धूत ने लोगों से कहा कि सिंगपुरा के लोगों को इससे पहले मीटिंग में बुलाया गया था कि यह कार्रवाई की जाएगी। तब लोगों ने मौके पर ही नायब तहसीलदार को कहा कि आप झूठ बोल रहे हैं। हमें बुलाया गया था लेकिन सिर्फ दबाव बनाने के लिए कि आपको यहां इस मंदिर को हटाने की कार्रवाई में किसी तरह की दखल न दें। लोगों ने कहा कि प्रशासन नियम के अनुसार कार्रवाई करे। अगर यह जगह खाली करनी है तो उसके लिए रेवेन्यू रिकॉर्ड समेत सारे दस्तावेज सामने लाए। उसके आधार पर कार्रवाई करे। मगर ऐसा नहीं किया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि इस मंदिर में दो दशक से बैठे बूटीराम बाबा को गांव वालों ने यह मंदिर सौंपा है। इसमें बाकायदा बिजली मीटर लगा हुआ और पानी के लिए हैंडपंप भी लगाया गया है। शुक्रवार को मंदिर गिराने की कार्रवाई के दौरान रेवेन्यू विभाग के अफसर न सिर्फ यहां पुलिस के साथ मौजूद रहे बल्कि वीडियो और सेल्फी भी लेते रहे। लोगों ने आरोप लगाया कि ये सब सरकार में बैठे रसूखदारों की चमचागिरी के लिए किया गया।
चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर प्राइम लोकेशन की सिंगपुरा की शामलात जमीन पर बने मंदिर को गिराने को लेकर शनिवार को यहां लोगों ने हंगामा किया। सिंगपुरा के लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया।
मंदिर गिराने का काम पुलिस, रेवेन्यू विभाग और जीरकपुर एमसी के अधिकारियों ने शुक्रवार को किया था। मेन हाईवे की सर्विस लेन से काफी पीछे बने इस मंदिर को गिराने की कार्रवाई के बाद सिंगपुरा समेत आसपास एरिया के लोगों ने शनिवार को यहां जमकर हंगामा किया। लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति उठाई। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन के अधिकारियों ने पंजाब सरकार में रसूख रखने वाले एक व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई की। मंदिर और इसके साथ करीब 700 गज जगह नेशनल हाईवे के फ्रंट पर पड़ती है। मंदिर की जगह के पीछे की जगह किसी व्यक्ति ने खरीदी है। इसके बाद उस जमीन को नेशनल हाईवे से सीधी एप्रोच देने के लिए यह सारा खेल रचा गया। सिंगपुरा के नंबरदार मंजीत सिंह ने बताया कि पूरे सिंगपुरा की जितन भी शामलात जमीन है, उस पर कोर्ट में केस चल रहा है। इसके बावजूद यहां प्रशासन के अधिकारियों ने कोर्ट की अवमानना कर कार्रवाई की है।
महिलाओं ने भी कहा कि उनकी आस्था के साथ किया खिलवाड़...शुक्रवार को नगला और आसपास एरिया की कई महिलाएं यहां पहुंची। उन्होंने मंदिर गिराने और इसमें पूजा करने वाले बाबा बूटीराम के साथ हुई इस घटना की निंदा की।
लोगों के पास दस्तावेज हैं तो दिखाएं...अधिकारी ने सिंंगपुरा के लोगों से कहा कि जगह को लेकर अगर कोई दस्तावेज है तो वो दिखाएं। जब लोगों ने अिधकारी से पूछा कि किस आधार पर और किसलिए यह कार्रवाई की गई। इस पर उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे पर इस मंदिर की वजह से ट्रैफिक में बाधा रह सकती है। दूसरी ओर, यह मंदिर हाईवे की सर्विस लेन से काफी पीछे है और मंदिर भी इतना बड़ा नहीं है कि यहां भीड़ लगती हो। कुछ गांवों की आस्था के लिए दो दशक से पहले इसे बनाया गया था।