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राज्य सरकार शहरी तर्ज पर 897 गांवों का बनवा रही ‘विलेज मास्टर प्लान’
प्लान में शामिल 897 गांवों का ब्लॉकवार ब्यौरा
ब्लॉक संख्या
करौली 217
टोड़ाभीम 151
नादौती 106
मंडरायल 123
सपोटरा 135
हिंडौन 165
जिले में विलेज मास्टर
प्लान वर्क की प्रोग्रेस रिपोर्ट
प्लान में शामिल कुल गांवों की संख्या 897 है। इनमें से जिला स्तर पर 833 गांवों का प्लान तैयार कर लिया गया है, इसमें 28 गैर आबादी वाले गांवों को भी शामिल किया गया है। ब्लॉक स्तर पर सात बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर 734 एवं ग्रामसभा द्वारा 672 विलेज मास्टर प्लानों का अनुमोदन हो चुका है। लिहाजा, कुल 338925.60 हैक्टेयर राजकीय भूमि है और अतिरिक्त आवश्यक भूमि का क्षेत्रफल 5291.95 हैक्टेयर में है। जबकि, 22511.12 क्षेत्रफल हैक्टेयर वह जमीन है, जिससे आवश्यकता की पूर्ति की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि विभाग की ओर से 24 फरवरी को जारी जिलेवार प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक करौली 58.53 प्रतिशत वर्क पूरा करने पर सबसे निचले पायदान पर था, मगर पिछले हफ्ते में जिला परिषद टीम ने इसे गंभीरता व प्राथमिकता से लिया तो अब प्रोग्रेस 90 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है।
प्लान तैयार, अनुमोदन करा दिया
विलेज मास्टर प्लान की प्रोग्रेस में हफ्तेभर पहले करौली की रैंकिंग निम्न स्तर पर थी, मगर अब तो करौली की प्रगति 96 फीसदी हो गई है। सिर्फ 27 गांव ही शेष बचे हैं, उनका भी जल्दी से प्लान तैयार कर अनुमोदन भी करा दिया जाएगा।
-प्रेमपाल सिंह,योजना प्रभारी,विलेज मास्टर प्लान, जिप करौली।
विकास के बाद यूं नजर आएंगे गांव
सामुदायिक व जनउपयोगी कार्यों के लिए भूमि चिह्नित करने का काम पटवारियों के जिम्मे
पालना में राजस्व गांवों का 30 साल की संभावनाओं को देखते हुए विलेज मास्टर प्लान तैयार कराने का बीड़ा उठाया है। राज्य सरकार ने नियोजित मास्टर प्लान की अहमियत को समझते हुए भविष्य के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आबादी विस्तार, खेल सुविधाएं, पार्क, सरकारी भवनों, सड़क व अन्य विकास की आवश्यकताओं का आंकलन करने के लिए ही विलेज मास्टर प्लान बनाने की कवायद शुरू की है। जिला परिषद भी ब्लॉकवार गांवों के प्लान तैयार करने में जुटी हुई है,आगामी सप्ताहभर में सभी गांवों के प्लान को मूर्तरूप दे दिया जाएगा।
करौली|राज्य के सभी राजस्व गांवों में अब शहरी तर्ज पर नए प्लान के मुताबिक ग्रामीण विकास के कार्य होंगे। राज्य सरकार, साल 2050 तक की संभावित आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 46352 गांवों का विलेज मास्टर प्लान बनवा रही है, इसमें करौली जिले के 897 गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों की आबादी का पलायन रोकने के साथ-साथ समग्र विकास की मंशा से हैल्थ, एज्युकेशन और व्यवसाय डवलप करने की दृष्टि से काम होगा। इसके लिए आगामी 30 साल की जरूरतों के मद्देनजर सरकारी कार्यालय, अधिकारी-कर्मचारी आवास, हाट-मंडी व अस्पताल आदि के लिए स्थान तय होंगे। भूमि चिह्नीकरण कार्य हल्का पटवारी करेंगे, ताकि प्रत्येक गांव में मौजूदा सुविधाओं के अलावा आबादी क्षेत्र का सर्वेक्षण नजरी नक्शा में प्रदर्शित हो सके। करौली जिले में विलेज मास्टर प्लान कार्य प्रक्रियाधीन है, कुल 897 गांवों में से 833 गांवों का प्लान तैयार हो चुका है।
दरअसल, शहर की तरह गांव में ही सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं, संसाधन, व्यवसाय व रोजगार सृजन के साधन मुहैया कराने की मंशा से राज्य सरकार ने वर्ष 2019-20 के मुख्यमंत्री परिवर्तित बजट घोषणा संख्या 106 की पालना में राजस्व गांवों का 30 साल की संभावनाओं को देखते हुए विलेज मास्टर प्लान तैयार कराने का बीड़ा उठाया है। राज्य सरकार ने नियोजित मास्टर प्लान की अहमियत को समझते हुए भविष्य के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आबादी विस्तार, खेल सुविधाएं, पार्क, सरकारी भवनों, सड़क व अन्य विकास की आवश्यकताओं का आंकलन करने के लिए ही विलेज मास्टर प्लान बनाने की कवायद शुरू की है। जिला परिषद भी ब्लॉकवार गांवों के प्लान तैयार करने में जुटी हुई है,आगामी सप्ताहभर में सभी गांवों के प्लान को मूर्तरूप दे दिया जाएगा।
करौली|प्रतीकात्मक चित्र।