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पेंशनर्स से जुड़ी समस्याएं

अलवर | इस कॉलम के जरिए हर सोमवार दैनिक भास्कर सामने लाएगा पेंशनर्स से जुड़ी समस्याएं। काफी समय से पेंशनर समाज ऐसा...

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 04:45 AM IST
अलवर | इस कॉलम के जरिए हर सोमवार दैनिक भास्कर सामने लाएगा पेंशनर्स से जुड़ी समस्याएं। काफी समय से पेंशनर समाज ऐसा मंच चाह रहा है, जहां वे अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचा सकें। इस कालम का उद्देश्य यही है। इस कॉलम के जरिए हम पेंशनर्स की समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे और समाधान का प्रयास करेंगे।

बिल जांच करने वाली एजेंसी सीधा कोषालय को भेजे

पेंशनर्स जब भी जांच कराने के लिए पहुंचते हैं तो पेंशनर्स डायरी दिखाने पर शुल्क की मांग की जाती है। हालांकि बाद में यह शुल्क कोषालय से पेंशनरों को भुगतान कर दिया जाता है। इस दौरान दिक्कतों का सामना होता है, इससे सेवानिवृत्त लोग परेशान होते हैं। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि किसी पेंशनर की जांच की जाए और बिल जांच करने वाली एजेंसी सीधा कोषालय को भेजे। इस कार्य में पेंशनर बेवजह की परेशानी से बच सकेगा। कई बार पेंशनर एमआरआई जैसी बड़ी जांच कराने जाता है तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ता है।

- राम बाबू शर्मा, निवासी कोठी दशहरा, अलवर

बैंकों में फिक्सेशन को लेकर हो रही परेशानी

बैंकों में फिक्सेशन को लेकर परेशानी आ रही है। सातवें वेतन आयोग के फिक्सेशन को लेकर बैंकों में कार्य नहीं हो रहा है। इसके कारण पेंशनरों को परेशानी आ रही है। इस बारे में बैंकों के अधिकारियों से बात करने पर भी समस्या को हल नहीं किया जाता है। इस मामले में उच्च अधिकारियों को बैंकों से पूछताछ करनी चाहिए, जिससे पेंशनरों को परेशानी नहीं हो।

-पीसी शर्मा, रंगभरियों की गली, अलवर

अगर आप भी पेंशन से संबंधित समस्या से जूझ रहे हैं तो नंबर 9340931678 पर पूरी जानकारी वॉट्सएप करें।

भास्कर उठाएगा आवाज

न दवाई मिल रही न मेडिकल बिल का भुगतान हुआ

बीमार होने पर मैंने इलाज कराया। इसका 2380 रुपए का मेडिकल बिल बना। 27 जुलाई 2017 को मैंने इस मेडिकल बिल को सहकारी होलसेल उपभोक्ता भंडार, मेडिकल ब्रांच, अलवर को दिया। जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। मैं 80 साल का वृद्ध इस बिल के लिए कई बार उपभोक्ता भंडार के कार्यालय का चक्कर लगा चुका हूं। कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। वहां सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं किया जाता है। मैं बीपी व अस्थमा का मरीज हूं। समय पर दवाइयां भी उपलब्ध नहीं होती हैं। अब भी दस दिन से मेडिकल स्टोर के चक्कर लगा रहा हूं। दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।

-कृष्ण लाल गुप्ता, निवासी खैरथल