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जूली : जब गोलियां चली तब कहां थे, जाटव : गोली आपने चलवाई

Khairthal News - अलवर. सर्किट हाउस में कलेक्टर व एसपी की मौजूदगी में चर्चा करता प्रतिनिधिमंडल। भास्कर संवाददाता | अलवर राजीव...

Dainik Bhaskar

Apr 04, 2018, 05:00 AM IST
जूली : जब गोलियां चली तब कहां थे, जाटव : गोली आपने चलवाई
अलवर. सर्किट हाउस में कलेक्टर व एसपी की मौजूदगी में चर्चा करता प्रतिनिधिमंडल।

भास्कर संवाददाता | अलवर

राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के पीएमओ चैंबर में विधायक जयराम जाटव ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली पर दंगा भड़काने के आरोप लगाए तो जूली बोले-जब समाज पर गोलियां चल रही थी, तब कहां गए थे। समाज के बीच रहते तब पता चलता। अब राजनीति करने के लिए समाज की याद आई है। विधायक ने कहा कि पहले जनता को भड़का कर आग लगवा दी। रेल रुकवाते हो। थानों को फूंकते हो। आग पर पेट्रोल डालते हो। गोली चलवाते हो और अब समझौता कराने आए हो। करीब पांच मिनट तक विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि मौत पर राजनीति कर रहे हैं। पोस्टमार्टम नहीं होने दे रहे। इस पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि समाज के लोग संकट में आए तब इसे समाज की याद नहीं आई। अब समाज के हितैषी बन रहे हैं। सरकार और प्रशासन के पक्षकार बनकर राजनीति करने पर इन्हें शर्म नहीं आती। इस दौरान पूर्व जिला प्रमुख साफिया खान और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी विधायक पर राजनीति करने के आरोप लगाए।

28 घंटे बाद पवन का शव परिजनों को सौंपा, झाड़ोली गांव में अंत्येष्टि

खैरथल में बंद के दौरान हुई हिंसा में गोली लगने से मरे युवक पवन जाटव की मंगलवार रात झाड़ोली गांव में अंत्येष्टि कर दी गई। इससे पहले पवन का शव 28 घंटे बाद अलवर के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंपा गया। जिला प्रशासन की मृतक के परिजनों व प्रतिनिधिमंडल से दो दौर की वार्ता में शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति बनी। इससे पहले विधायक जयराम जाटव ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली पर दंगा भड़काने के आरोप लगाए। मृतक पवन के शव के पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के पीएमओ कक्ष में सुबह 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान बिना बुलाए पहुंचे विधायक जाटव ने ये आरोप लगाए। इस पर वार्ता में मौजूद जूली और विधायक जाटव आपस में भिड़ गए। इस कारण पहले दौर की वार्ता विफल हो गई। आक्रोशित प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सरकार और विधायक के खिलाफ नारेबाजी कर दी। इस पर पुलिस ने धक्का देकर उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर निकाल दिया। सर्किट हाउस में दोपहर करीब 1.30 बजे हुई दूसरे दौर की वार्ता में प्रशासन की ओर से मुआवजे के पैकेज और नौकरी के लिए प्रस्ताव भेजने के आश्वासन पर बात बन गई। इसके बाद शाम का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। शाम 5.30 बजे शव पिता को सौंप दिया गया।

राजीव गांधी सामान्य अस्पताल परिसर में सुबह ही एहतियात तौर पर पुलिस तैनात कर दी गई। प्रशासन की काफी मशक्कत के बाद झाड़ोली निवासी मृतक पवन के पिता जल्लाराम 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के साथ वार्ता के लिए तैयार हो गए। पीएमओ चैंबर में सुबह 11 बजे एडीएम राकेश कुमार एवं एडीएम बीएल रमण से मांगों पर वार्ता चल रही थी। करीब आधा घंटे की वार्ता के बाद विधायक जाटव वहां पहुंच गए और वार्ता में मौजूद कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली पर दंगा भड़काने के आरोप लगाने लगे। इस दौरान दोनों के बीच धक्कामुक्की की नौबत आ गई, लेकिन डीएसपी सांवरमल नागौरा ने बीचबचाव कराते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल को चैंबर से बाहर निकाल दिया। इससे आक्रोशित प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सूरजमल कर्दम व अन्य लोगों ने सरकार व विधायक सहित प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दी। वहां मौजूद पुलिस अधिकारी और कांस्टेबलों ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को धक्के देकर अस्पताल से बाहर निकाल दिया। वार्ता विफल होने के बाद एडीएम और पुलिस अधिकारियों ने विधायक जाटव से पीएमओ कक्ष में बातचीत की। इसके बाद पुलिस प्रशासन मृतक के पिता जल्ला राम जाटव को वार्ता के लिए सर्किट हाउस लेकर गया, वहां कलेक्टर राजन विशाल और एसपी राहुल प्रकाश व प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का प्रस्ताव रखा। इस पर मृतक के पिता बिना विधायक के वार्ता के लिए तैयार हो गए। इस पर 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर पुलिस अधिकारी सर्किट हाउस पहुंचे। बाद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष जूली और विधायक भी वार्ता में शामिल कर लिए गए। कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी में दो घंटे चली वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बन गई। इसमें पैकेज के मुताबिक मुआवजा और सरकारी नौकरी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने पर बात बनी। वार्ता के बाद मृतक के पिता ने प्रशासन द्वारा मांगे मानने की बात बताई। इसके बाद मृतक के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को राजी हो गए।

धरने पर बैठे लोगों को पुलिस ने डंडे मारकर खदेड़ा

राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे लोगों को मंगलवार सुबह पुलिस ने डंडे मारकर खदेड़ दिया। ये लोग खैरथल में गोली लगने से मरे युवक पवन के परिजनों को मुआवजा, सरकारी नौकरी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। पुलिस ने पहले तो मृतक के परिजनों के साथ एकत्र लोगों को अस्पताल परिसर से बाहर निकाला। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली और पूर्व जिला प्रमुख साफिया खान को भी बाहर निकाल दिया। इसके बाद धरने पर बैठे लोगों को डंडे मारकर धरनास्थल से बिजलीघर चौराहे तक खदेड़ दिया।

अस्पताल में उलझते विधायक जाटव और कांग्रेस जिलाध्यक्ष जूली को शांत करते डीएसपी।

सामान्य अस्पताल परिसर से निकलने के निर्देश पर एसडीएम पर आक्रोशित होती साफिया खान।

अस्पताल के बाहर धरना दे रहे लोगों को धक्का देकर खदेड़ते क्यूआरटी के जवान।

वाहन जलाने, लूटपाट व मारपीट का केस दर्ज

एनईबी थाने में 60 फुट रोड निवासी भंवर सिंह कलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 2 अप्रैल को सुबह 9 बजे वह घर के बाहर अपनी दुकान पर था। इसी दौरान 5-7 गाड़ियों में सवार होकर आए लोगों ने दुकान बंद करने को कहा। कारण पूछा तो उन्होंने दुकान का गल्ला लूट लिया और घर के अंदर घुसकर भंवर सिंह, उसकी प|ी व बेटी के साथ मारपीट की। घर के शीशे फोड़ दिए। साथ ही आरोपी घर के अंदर अलमारी से 25 तौला सोना, 200 ग्राम चांदी के जेवर सहित 1.50 लाख रुपए लूट ले गए। इसके बाद यही लोग दुबारा उसके घर आए और घर पर पथराव करने के साथ उसकी स्कार्पियो गाड़ी को जला दिया। कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ आगजनी, लूट व मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है।

मूंगस्का से भगवा रैली निकाल रहे युवाओं को भगाया : मूंगस्का से भगवा रैली निकाल रहे युवाओं को पुलिस ने भगा दिया। ये लोग भगवा रैली के रूप में मंडी मोड़ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंची पुलिस ने उन्हें भगा दिया। रैली को लेकर मूंगस्का में काफी देर तक पुलिस तैनात रही।

व्यापारियों की बैठक में हिंसक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित

भास्कर संवाददाता | अलवर

भारत बंद के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों की संयुक्त बैठक खंडेलवाल धर्मशाला में हुई। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त व्यापारी महासंघ के सुरेश गुप्ता व जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रमेश जुनेजा ने की। इस दौरान हिंसक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान देने वाले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की गई। बैठक में बंद के दौरान हिंसा के शिकार हुए व्यापारियों को मुआवजा दिलवाने की मांग भी की गई। बैठक में कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने, व्यापारिक संघों से जुड़े लोगों, पीड़ित समाज व आम लोगों की जन सेना बनाने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान इस पूरे आंदोलन को रणनीतिक रूप से संचालित करने के लिए 21 सदस्यों की जनरल समिति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सभा में सिख समाज, करणी सेना, राजपूत सभा, समता आंदोलन से जुड़े लोगों के साथ दीनदयाल शर्मा, प्रमोद विजय, महेश खंडेलवाल, नीलेश खंडेलवाल, जगदीश सिंघल, नरेश तख्तानी, मोहन स्वरूप आदि उपस्थित रहे।

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