--Advertisement--

सांई कल्याण भगत बोले सत्कर्म ही संत की पहचान

खैरथल. मेले के दौरान सत्संग प्रवचन करते संत कल्याण भगत। स्वामी लीलाशाह महाराज के मेले में उमड़े श्रद्धालु ...

Dainik Bhaskar

Mar 12, 2018, 05:05 AM IST
सांई कल्याण भगत बोले सत्कर्म ही संत की पहचान
खैरथल. मेले के दौरान सत्संग प्रवचन करते संत कल्याण भगत।

स्वामी लीलाशाह महाराज के मेले में उमड़े श्रद्धालु

भास्कर न्यूज | खैरथल

गांव वल्लभग्राम स्थित स्वामी लीलाशाह महाराज की कुटिया पर रविवार को मेले का आयोजन किया गया। स्वामी लीलाशाह धर्मार्थ ट्रस्ट अध्यक्ष मुखी वासदेव दासवानी व सेवाधारी विनेश सिरवानी ने बताया कि रविवार को स्वामी लीलाशाह महाराज के 138 वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में स्वामी की कुटिया पर जन्मोत्सव मनाया गया। जिसके तहत रविवार को सुबह 11 बजे हवन-यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां दी, सुबह सवा दस बजे झंडारोहण किया गया तथा दोपहर 12 बजे वल्लभग्राम से कुटिया तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का श्रद्धालु ने जगह-जगह स्वागत किया गया। दोपहर 1 बजे आम भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें खैरथल सहित आसपास के श्रद्घालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर स्वामी लीलाशाह महाराज की प्रतिमा के दर्शन किए। कार्यक्रम के तहत दोपहर 3 बजे इस्माइलपुर के सांई कल्याण भगत के सानिध्य में सत्संग का आयोजन किया गया जिसमें सांई कल्याण भगत ने प्रवचन देते हुए कहा कि सत्कर्म ही संतों की पहचान होती है। संत की पहचान उनका परोपकारी जीवन होता है। सेवाधारी पितांबरदास मघवानी ने बताया सत्संग के पश्चात शाम को सवा छह बजे आरती तथा शाम 7 बजे केक काटकर स्वामी लीलाशाह महाराज का जन्मोत्सव मनाया गया। रात्रि 8 बजे बहराणा साहिब के बाद पल्लव पाकर मेले का समापन किया गया। इस दौरान समिति अध्यक्ष वासदेव दासवानी, अशोक चंचलानी, आकन सिरवानी, सुभाष निहलानी, अशोक गुरनानी, घनश्याम चंचलानी, जाजन मूलानी, भगवान लालवानी, कन्हैयालाल मंघवानी, सुशील, दिलीप चंदवानी, धीरज गुरनानी, वासदेव गुरुजी, अशोक महलवानी, महेश चंचलानी, संजय रोघा, दयाल लखानी, राजकुमार लालवानी, चंदन लालवानी, हरीश गुरनानी, लजपतराय निहलानी, जीतू केवलानी ने व्यवस्थाओं को बनाए रखने में सहयोग किया।

X
सांई कल्याण भगत बोले सत्कर्म ही संत की पहचान
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..