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आखिरी सच-एसटी 5 की हो चुकी मौत

सरिस्का से 24 फरवरी को लापता हुई बाघिन एसटी-5 को लेकर सरिस्का प्रशासन ने तीन संभावनाएं जताईं थी। इनमें से शावकों को...

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2018, 05:10 PM IST
आखिरी सच-एसटी 5 की हो चुकी मौत
सरिस्का से 24 फरवरी को लापता हुई बाघिन एसटी-5 को लेकर सरिस्का प्रशासन ने तीन संभावनाएं जताईं थी। इनमें से शावकों को जन्म देने तथा बाघिन के जंगल छोड़ जाने का दावा भी अब खारिज हो गया है। सरिस्का से बाहर अलवर मंडल के वन क्षेत्र में भी बाघिन एसटी-5 की कोई खबर नहीं मिली है। अलवर वन मंडल की थानागाजी, बानसूर और राजगढ़ वन रेंजों में 15 दिनों उसे तलाशा जा रहा था। यहां के वन अधिकारियों का कहना है कि सरिस्का से निकलने पर बाघिन को इन जंगलों से गुजरना पड़ता। ऐसे में कहीं न कहीं बाघिन के स्केट्स, पगमार्क या किल (शिकार) के प्रमाण जरूर मिलते, जो अब तक नहीं मिले हैं। इससे पहले बाघ एसटी-13 भी सरिस्का से निकला था, तब लगातार उसके पगमार्क और शिकार के सबूत मिलते रहे। एसटी-5 के मामले में ऐसा कुछ नहीं हो रहा।

बाघ एसटी-11 मौत के मामले में आरोपी को जेल भेजा : सरिस्का अभयारण्य में फंदा बनाकर बाघ एसटी 11 को मौत के मामले में आरोपी भगवान सहाय को रविवार को अलवर मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया। जिसे रिमांड अवधि पूरी होने के बाद मजिस्ट्रेट ने जेल भेजने के निर्देश दिए। इससे पहले उसका मेडिकल कराया गया।

भास्कर इन्वेस्टीगेशन: तो कहां है बाघिन के अवशेष-तीन संभावनाएं

1. ओएफसी की खुदाई तो नहीं बन गईं कब्र

इसकी सबसे ज्यादा आशंका है। सरिस्का में बाघिन एसटी-5 के लापता होने से पहले बड़े पैमाने पर निर्माण कार्यों के लिए जेसीबी और पोकलैन मशीन से खुदाई कार्य हुए। ओएफसी के लिए गहराई खाईंयां खोदी गईं। सूत्रों की मानें तो बाघिन के इंसानों से आकस्मिक टकराव से उसकी मौत हुई। शव बेहद आसानी से और कम समय में जेसीबी मशीन की मदद से उसे गाड़ दिया गया।

2. गुफा या जाळ की झाडियों में दम तोड़ा

दूसरी बड़ी आशंका। उसे शिकार के साथ जहर दिया गया, टेरेटरी की लड़ाई में घायल या बीमार हुई। ऐसे हालात में वह बाघों के स्वभाव के मुताबिक तड़पते हुए किसी गुफा या सरिस्का में पाए जाने वाले घने कैर के जाळ में छिप गई। जहां उसने दम तोड़ दिया। पहले भी ऐसा हुआ। सरिस्का से बाघों के सफाये के बाद 2005 में एक बाघ का 8 माह पुराना कंकाल नांडू क्षेत्र में कैर के जाळ में मिला था।

3. शिकारियों के हाथ लग गई

तीसरी आशंका, जो चिंताजनक। बाघिन एसटी-5 जंगल से भटकी और किसी फार्म हाउस या आबादी क्षेत्र या खेत में शिकारियों के करंटदार फंदे का निशाना बन गई। शिकारी कीमती अंगों को निकालकर बाघों के शवों को ठिकाने लगाने में माहिर होते हैं, यह किसी से छिपा नहीं। तो अवशेषों की उम्मीद बेमानी है। वजह यह कि बाघिन एसटी-5 की टेरेटरी में 6 माह से लगातार शिकारी आ रहे थे। अक्टूबर 2017 में चौकी में वनकर्मी पर चार फायर किए थे। खुद सीसीएफ ने अपने पत्र में इसकी पुष्टि की। लापरवाही पर चिंता भी जताई।

सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघ एसटी-11 की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और बाघिन एसटी-5 के लापता होने से दुःखी खैरथल के युवाआंे व बच्चों ने मोमबत्ती जलाकर “सेव टाइगर सेव सरिस्का” का संदेश दिया

पहली दो संभावनाएं कैसे खारिज, जानिए

1. जंगल छोड़ा....नहीं, क्योंकि- सरिस्का से बाहर अलवर डिवीजन का जंगल वहां नहीं मिले पगमार्क, स्केट्स



अंतत: सबसे बड़ा सवाल

इतना सब है तो पुष्टि क्यों नहीं कर रहे वन अधिकारी ...क्योंकि मॉनीटरिंग में कमी की पोल खुलेगी तो फंसेंगे। तलाश की औपचारिकताएं कर बाघिन की स्वभाविक मौत बता कार्रवाई से बच जाएंगे।

2.शावक जन्म देने के बाद छिपी है... बाघिन एसटी-5 बारह साल में कभी मां ही नहीं बन सकी



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