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राजस्थान रॉयल्स के चेयरमैन का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

चार साल बाद जयपुर में आईपीएल की वापसी हो रही है। सरकार के सपोर्ट के बिना यह संभव नहीं था। खेलमंत्री गजेंद्र सिंह...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 08, 2018, 03:00 AM IST

चार साल बाद जयपुर में आईपीएल की वापसी हो रही है। सरकार के सपोर्ट के बिना यह संभव नहीं था। खेलमंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बीसीसीआई को लिखे पत्र के बाद यह सब संभव हो सका है। हम चाहते हैं कि आईपीएल के दौरान भी हमें इसी तरह से सरकार का सपोर्ट मिले। यह बात राजस्थान रॉयल्स के चेयरमैन रंजीत बारठाकुर ने भास्कर को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कही।

उन्होंने कहा कि हमारा दिल से राजस्थान से जुड़ाव है। इसलिए हम हर हाल में यही चाहते थे कि राजस्थान रॉयल्स का बेस जयपुर ही हो। सरकार का सहयोग रहा तो हम बड़े स्तर पर राजस्थान में क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी इनवेस्टमेंट करना चाहते हैं। हम बीकिन यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया की मदद से राजस्थान में स्पोर्ट्स मैनेजमेट यूनिवर्सिटी भी खोलने और अन्य ओलिंपिक खेलों को भी सपोर्ट करने को तैयार हैं।

क्रिकेट में जिस तरह से शुरुआती सपोर्ट मिला, उसी तरह से और ज्यादा सपोर्ट मिले तो हम ओलिंपिक खेलों में भी इनवेस्ट करने को तैयार हैं

आरसीए व राजस्थान रॉयल्स के बीच एग्रीमेंट्स

राजस्थान क्रिकेट संघ की मेजबानी में 4 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित होने वाले आईपीएल मैचों की मेजबानी को सफल बनाने के लिए आरसीए व राजस्थान रॉयल्स के मध्य बुधवार को आईपीएल आयोजन से सम्बंधित महत्वपूर्ण एग्रीमेंट्स पर खेल मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की उपस्थिति में आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी व राजस्थान रॉयल्स चैयरमेन रंजीत बारठाकुर ने हस्ताक्षर किए।

हम राजस्थान से प्यार करते हैं, सरकार से सपोर्ट मिले तो हम यहां स्पोर्ट्स मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी खोलने के लिए भी तैयार हैं

एग्रीमेंट पर आरसीए सचिव के साइन क्यों नहीं?

आईपीएल मैचों के दौरान स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन, बीसीसीआई और आईपीएल फ्रेंचाइजी की ओर से ट्राई पार्टी हस्ताक्षर होते हैं। इनमें स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से आमतौर पर सचिव के ही साइन होते हैं। पिछली बार जब यहां आईपीएल हुए थे उस समय भी आरसीए के तत्कालीन कार्यवाहक सचिव के.के. शर्मा ने साइन किए थे। इतना ही नहीं अन्य राज्यों में जहां भी आईपीएल का आयोजन हो रहा है वहां राज्य क्रिकेट संघों के सचिवों ने ही साइन किए हैं। फिर राजस्थान में अध्यक्ष की ओर से साइन क्यों किए गए, यह समझ से बाहर है। क्यों नहीं आरसीए सचिव आर.एस. नांदू ने साइन किए? इस बारे में नांदू से जब बात की तो, उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि सचिव के साइन क्यों नहीं कराए गए।

राजस्थान के 2-3 खिलाड़ियों की कोशिश की थी

टीम में राजस्थान से सिर्फ एक ही खिलाड़ी महिपाल लोमरोर है। राजस्थान का कोई क्राउड पुलर खिलाड़ी नहीं है, पूछने पर रंजीत बार ठाकुर कहा कि हमने दो-तीन खिलाड़ियों को जोड़ने की कोशिश की थी। राजस्थान से सिर्फ 7 खिलाड़ी ही इस आईपीएल में हैं। हमने तेजेंद्र सिंह ढिल्लों और कमलेश नागरकोटी के लिए बोली लगाई थी लेकिन संभव नहीं हो सका। फिर टीम कॉम्बीनेशन भी देखना होता है।

वार्न के पास छोटे से छोटे खिलाड़ी से बेस्ट निकलवाने की कला है

शेन वार्न को मेंटर के रूप में जोड़ने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, उनके पास ऐसा जादू है कि वह किसी भी टीम में जान फूंक सकते हैं। छोटे से छोटे खिलाड़ी से बेस्ट निकलवाने की कला है उनके पास। फिर टीम के फिरकी गेंदबाजों के लिए तो उनसे अच्छा मेंटर कोई हो ही नहीं सकता।

खींवसर बोले, हर तरह की मदद को तैयार सरकार

इस बीच खेलमंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि आईपीएल मैचों के दौरान राजस्थान रॉयल्स को जिस भी तरह की सरकारी मदद की जरूरत होगी वह उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार पूरी तरह से राजस्थान में आईपीेल मैच कराने को लेकर उत्साहित है। हां, उनके अन्य प्रपोजल पर भी सरकार गौर करेगी।

दो सबसे महंगे खिलाड़ी जोड़ने का कारण

हमने यह नहीं देखा कि कौन-कितने में खरीदा। हमारा पहला मकसद था टीम का बेहतरीन काम्बीनेशन तैयार करना। हां, बोली में किसी को ज्यादा पैसा मिलता है तो किसी को कम।

सीपी जोशी से आरसीए का अपना स्टेडियम बनाने को लेकर भी हुई चर्चा

दिल्ली रोड पर आरसीए के स्टेडियम निर्माण के लिए जो जमीन मिली थी आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी की योजना है कि उस पर आरसीए अपना खुद का स्टेडियम तैयार करे। इस बारे में ही राजस्थान रॉयल्स के चेयरमैन से जोशी की चर्चा हुआ। पीपीपी मॉडल पर यहां स्टेडियम तैयार किया जा सकता है। हालांकि अभी तो स्टेडियम की जमीन सरकार ने वापस ले ली है लेकिन इसे पुन: आरसीए को दिए जाने के संबंध में पत्र लिखा गया है।

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