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एनटीसीए की आपत्तियों का जवाब तलाश रहा वन विभाग

जयपुर| नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की ओर से मुकंदरा में बाघ भेजने पर लगाई रोक के आदेश के बाद अब वन विभाग...

Danik Bhaskar | Mar 30, 2018, 05:05 AM IST
जयपुर| नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की ओर से मुकंदरा में बाघ भेजने पर लगाई रोक के आदेश के बाद अब वन विभाग उनके सवालों के जवाब तैयार करने में जुट गया है। वन विभाग के एसीएस सुबोध अग्रवाल ने चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जीवी रेड्डी को आदेश दिए हैं कि वो एनटीसीए की सभी आपत्तियों पर तुरंत जवाब तैयार कर भेजे। इसके बाद चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से लेकर वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य और रणथंभौर के अधिकारी तक जवाब तैयार करने में जुटे हैं।

अभी तक सरकार के निर्देश पर वन विभाग इसी सप्ताह में बाघ शिफ्ट करने की तैयारी कर चुका था। हालांकि अब एनटीसीए की मंजूरी लेने तक यह प्रक्रिया टलती दिख रही है। क्योंकि एक बार लगी आपत्तियों के जवाब भले ही वन विभाग से तुरंत भेज दिए जाएं, लेकिन सामने आया है कि एनटीसीए खुद के स्तर पर भी इनकी पड़ताल करेगा। क्योंकि यहां के वन विभाग और टाइगर रिजर्व के हालात पर एनटीसीए का नजरिया अच्छा नहीं रहा। हाल ही में एनटीसीए की चीफ और मेंबर सेक्रेट्री डॉ. देवब्रत स्वाईं ने सरिस्का का दौरा कर वहां पर बाघों के संरक्षण में काफी लूज पोल बताए थे। नाराज एनटीसीए ने चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को बैठक के लिए बुलाया। दूसरी ओर रणथंभौर से उदयपुर जू में भेजे गए बाघ टी-24 के मामले पर भी एनटीसीए ने काफी नाराजगी जाहिर की थी। उधर अब दोनों जगह बाघों के हताहत होने के मामले ने भी तूल पकड़ा हुआ है। जिसके बाद नए टाइगर रिजर्व मुकंदरा में हर बात पुख्ता करने के बाद ही बाघ भेजने की सहमति दी जाएगी।

अंदेशा भी : जिस बाघ को मुकंदरा ले जाना है, वह बूंदी के पास रामगढ़ में.. पकड़ना संभव

मुकंदरा ले जाने के लिए वन विभाग ने जिन बाघों को चिह्नित किया है, उनमें से एक टी-91 रणथंभौर की सीमाएं लांघ बूंदी के पास रामगढ़ के जंगलों की ओर घूम रहा है। ऐसी परिस्थिति में बाघ को पकड़कर मुकंदरा ले जाने पर भी विचार संभव है। इस बीच एनटीसीए से मंजूरी को लेकर वनमंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने केंद्रीय वन मंत्री हर्षवर्धन से बात करने की बात कही थी। शनिवार को केंद्रीय वनमंत्री एक कार्यक्रम में शिरकत करने जयपुर आ रहे हैं, ऐसे में उनके खींवसर से मिलने की संभावना है। ऐसा होने पर सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए मदद मांगा जाना स्वाभाविक है।

केंद्रीय वन मंत्री कल एक कार्यक्रम के लिए जयपुर में, वनमंत्री से वार्ता संभव

बाघ शिफ्टिंग मामला