खींवासर

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भास्कर स्टिंग

जयपुर | राजस्थान और खास तौर से जयपुर हमेशा सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील रहा है। 13 मई 2008 को सिलसिलेवार हुए बम...

Danik Bhaskar

Mar 07, 2018, 05:10 AM IST
जयपुर | राजस्थान और खास तौर से जयपुर हमेशा सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील रहा है। 13 मई 2008 को सिलसिलेवार हुए बम विस्फोटों ने तो पूरे राज्य को ही आतंकित कर दिया था। यह आतंक का एक चेहरा है। एक दूसरा चेहरा भी है जो सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

सोमवार को बसपा विधायक मनोज न्यांगली अपनी गन लेकर विधानसभा के भीतर तक पहुंच गए थे। घटना ने यहां की पूरी सुरक्षा व्यवस्था को ही कटघरे में खड़ा कर दिया था। इतनी लापरवाही? यही जांचने के लिए मंगलवार को भास्कर संवाददाताओं ने नकली गन लेकर खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के साथ विधानसभा में प्रवेश किया। जैसे सुरक्षा सोमवार को सोई हुई थी, मंगलवार को भी उसी हालत में मिली। संवाददाताओं को भी न किसी ने रोका, न टोका। हमने सुरक्षा ऑडिट के लिए भाजपा-कांग्रेस के कई विधायकों से संपर्क किया लेकिन तैयार सिर्फ बेनीवाल ही हुए। विधायक को हमने साथ इसलिए लिया कि वह भी अपनी सुरक्षा की खामियां देख सकें।

भास्कर संवाददाता बाबूलाल शर्मा, सौरभ भट्‌ट ने नकली पिस्तौल के साथ किया विधानसभा की सुरक्षा का ऑडिट, रिजल्ट- सब खतरे में

सोमवार : पिस्टल के साथ विधायक सदन तक पहुंचे, न जांच-न कार्रवाई

मंगलवार : नहीं सुधरी सुरक्षा, भास्कर टीम का नकली गन के साथ विधानसभा में प्रवेश

जेब में ग्लू गन, परिसर में प्रवेश

बिल्कुल असली गन जैसी लगने वाली ग्लू गन भास्कर संवाददाता ने अपनी जेब में रखी और विधानसभा परिसर में आ गए।

मुख्य द्वार पर कोई जांच नहीं

विधानसभा भवन का पश्चिमी मुख्य द्वार। यहां से नकली गन के साथ प्रवेश किया। यहां सिर्फ मैटल डिटेक्टर लगे हैं जबकि लोकसभा में बकायदा स्केनर लगे हैं।

ना पक्ष लॉबी तक पहुंचे

सदन के पास गलियारे में बनी ना पक्ष की लॉबी में विधायक हनुमान बेनीवाल व भास्कर संंवाददाता। यहां भी जेब में थी ग्लू गन, कोई जांच नहीं।

विधानसभा भवन के अंदर

विधानसभा भवन में प्रथम तल से नीचे उतरते हुए भास्कर संवाददाता। हाथ में नकली गन थामे रहे लेकिन किसी ने न ध्यान दिया न इन्हें रोका या टोका।

इतना बड़ा सुरक्षा घेरा फिर भी इतनी बड़ी चूक

240 सुरक्षा कर्मी

विधानसभा सत्र के दौरान मुख्य द्वार से लेकर केंद्रीय कक्ष तक

350 जवान

विधानसभा भवन के बाहरी सुरक्षा घेरे में होते हैं करीबन

भास्कर का बोल्ड स्टेप, इसलिए बहुत जरूरी था...

विधानसभाएं लोकतंत्र के सबसे पवित्र मंदिर हैं और भास्कर इस गरिमा का पूरा सम्मान करता है। लेकिन गरिमा के साथ-साथ विधानसभाओं की सुरक्षा के प्रति गहरी चिंता को सतह पर लाना बहुत जरूरी था। इसी कारण भास्कर ने यह स्टिंग किया। ताकि माननीय सदस्यों की सुरक्षा पर कभी आंच न आए।

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