--Advertisement--

ऑफ रिकॉर्ड -श्याम आचार्य

नेता प्रतिपक्ष पर की टिप्पणी से हंगामा सदन की बैठक स्थगित 13वींविस में सीएम अशोक गहलोत द्वारा पेश परिवर्तित बजट...

Danik Bhaskar | Jan 04, 2018, 11:10 AM IST
नेता प्रतिपक्ष पर की टिप्पणी से हंगामा सदन की बैठक स्थगित

13वींविस में सीएम अशोक गहलोत द्वारा पेश परिवर्तित बजट पर चल रही बहस के दौरान भाजपा के लाड़पुरा के भवानीसिंह राजावत ने शराब पर अंकुश लगाने की चर्चा की तो केकड़ी के डाॅ रघु शर्मा अौर सूचना एवं जनसम्पर्क राज्यमंत्री अशोक बैरवा ने प्रश्नों की झड़ी लगा दी। जब अशोक बैरवा और डॉ रघु शर्मा ने आठ बजे का समय का हवाला दिया। अशोक बैरवा ने यहां तक कह डाला कहां है एट पी एम के बाद तुम्हारी जनता और तुम्हारे मुख्यमंत्री थे वह कभी देहरादून, कभी यूएसए कभी लंदन। बस इस पर हंगामा शुरू हो गया। आसन पर उस समय सुरेन्द्र सिंह जाड़ावत विराजमान थे। विपक्ष की नेता वसुन्धरा राजे ने आपत्ति की और कहा कि इस हाउस की गरिमा को संभालने के लिये यह एक्सपेक्टेशन है कि रघु शर्मा जैसे लोग इस तरह की भाषा का सदन में इस्तेमाल नहीं करें। मैं हतप्रभ हंू। यह अपेक्षा नहीं थी। आई एम सॉरी। (सदन में जोरों का व्यवधान)। रघु शर्मा ने आपत्ति जताई कि उन्होंने कौनसी भाषा बोली? रिकॉर्ड देख लीजिये। हंगामा थमा नहीं। विपक्ष के सदस्य वैल में गये नारेबाजी करने लगे। सदन में व्यवस्था कायम कराने के सभापति के प्रयास सफल नहीं हुये तो अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत अासन पर पदासीन हुये। लेकिन हंगामा फिर भी नहीं थमा। मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल ने सदन का समय एक घण्टे बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया। लेकिन हंगामा नहीं थमा तो अध्यक्ष ने यह कहते हुये सदन की कार्रवाई अगले दिन तक के लिये स्थगित कर दी कि आप सदन का समय नहीं बढ़वाना चाहते।

जबज्ञान देव आहूजा ने वसुंधरा के बजट को दिव्य संदेश बताया

भाजपाके ज्ञानदेव आहूजा (रामगढ़) अपनी ही सरकार की आलोचना करने से कम ही चूकते है। लेकिन 12वीं राजस्थान विधानसभा में जब उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा परिवर्तित बजट पर हुए सामान्य वाद-विवाद में उनके बजट को दिव्य संदेश बताया। यहीं नहीं बल्कि यह कहा कि मैं विद्यार्थी नेता रहा हूं, मजदूर नेता रहा हूं, 21 वर्ष से राजनीति में हूं, बहुत सारे बजट देखें हैं। …5 साल में यह पहला ही बजट और सुन्दर, सुन्दर, सुन्दर, भाई उत्तम, भाई उत्तम,। तो नवलगढ़ के डॉ. राजकुमार ने उन्हें टोका और कहा- अंकल एक मिनट। सभापति महोदया (किरण माहेश्वरी) आप तो सबसे पहले बधाई इस बात की स्वीकार करों कि बोलने का मौका मिला है। वरना आप जब जब जीते हैं, पार्टी को हराकर आप अकेले आए हैं। डॉ. शर्मा के जवाब में जब आहूजा ने कहा- भतीजे मैंने तो तुम्हें यशस्वी होने के लिए .. अपना वाक्य पूरा नहीं कर पाए आहूजा लेकिन सदन में अनवरत हंसी गूंजती रही। सभापति ने कहा- बीच में टोका टाकी ना करे। फिर आहूजा आगे बोले लगे। सदन में हंसी भी रुक गई।

‘बारबार खड़े होने वाले सदस्य का नाम ना छापे मीडिया’

राजस्थानकी 14वीं विधानसभा में (कुम्भलगढ़)के सुरेन्द्र सिंह राठौड़ राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए पत्रकार दर्शक दीर्घा के मीडिया कर्मियों से जब यह कहा कि मैं मीडिया से अनुरोध करना चाहूंगा कि जो बार-बार खड़े होते हैं उनका नाम ही मत छापो। इस पर निर्दलीय हनुमान बेनीवाल (खींवसर) ने तुरन्त टिप्पणी करते हुए कहा- आपके बिरला जी (ओमप्रकाश) भी हैं जिनके तो स्प्रिंग लगी हुई है .. इस पर सदन में जोरों की हंसी गूंज उठी। लेकिन सभापति प्रद्युम्न सिंह उन्हें टोका कि माननीय सदस्य (राठौड़) भाषण के समय मीडिया को संबोधित करें .. किसी गैलेरी, दर्शक, गैलेरी, अधकारी गैलेरी को भी संबोधित करें।

आपगधारूढ़ नहीं, सत्तारूढ़ हैं

3जनवरी 2009 को 13वीं विस मे मंत्री-परिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस चल रही थी। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्ष के भाजपा सदस्यों के बीच तीखी झड़पें हुई। एक बार तो रामगढ़ के ज्ञानदेव आहूजा सत्तारूढ़ सदस्यों पर इतने उत्तेजित हो गए कि उन्होंने अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत से अनुरोध किया कि अध्यक्ष महोदय संयमित रखो इनको वरना हम इनको जवाब बताएंगे। उन्होंने सीकर के राजेन्द्र पारीक(कांग्रेस) की और संकेत करते हुए जब कहा आप गधारूढ़ नहीं है, सत्तारूढ़ हैं, चुप रहो।(विपक्ष में हंसी) इस पर भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी ने भी कहा- अभी राज का मद है तो रहे राज मद, लेकिन मद को यहां क्यों दिखाते हो? हां बोलिये (फिर जोरों की हंसी)