Hindi News »Rajasthan »Khiwsar» तृतीय श्रेणी शिक्षकों की दो वेतन शृंखला होने से हर माह हो रहा 7-8 हजार रुपए का नुकसान

तृतीय श्रेणी शिक्षकों की दो वेतन शृंखला होने से हर माह हो रहा 7-8 हजार रुपए का नुकसान

तृतीय श्रेणी शिक्षकों की दो वेतन शृंखला से प्रबोधकों व शिक्षकों को नुकसान हो रहा है। प्रबोधकों व शिक्षकों के वेतन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 29, 2018, 04:40 AM IST

तृतीय श्रेणी शिक्षकों की दो वेतन शृंखला से प्रबोधकों व शिक्षकों को नुकसान हो रहा है। प्रबोधकों व शिक्षकों के वेतन को लेकर कराई जा रही गणना में 2007 से 2009 के बीच नियुक्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों ओर उनसे 4 साल बाद नियुक्त हुए शिक्षकों के मूल वेतन में बड़ी विसंगति से नुकसान हो रहा है। इसमें 2008 में नियुक्त शिक्षकों के हर माह करीब 7 से 8 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। वेतन विसंगतियों को सुधारा नहीं गया तो सेवानिवृत्ति तक इन शिक्षकों को लाखों रुपए का नुकसान होगा। मामले के अनुसार वर्ष 2007 से 2009 तक प्रबोधकों और तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदों पर 70000 हजार को नियुक्ति मिली थी। इन शिक्षकों को पे-बैण्ड प्रथम 5200-20200 और ग्रेड पे 2800 के अनुसार निर्धारित किया गया था। तब उनका मूल वेतन 11170 रुपए था। इसके बाद भटनागर समिति ने संशोधित करते हुए पे-बैण्ड द्वितीय 9300-34800 ग्रेड पे 3600 के अनुसार कर लिया गया। इस संशोधन और ग्रेड पे 3600 के अनुसार कर लिया। इस संशोधन के आधार पर एक जुलाई 2013 को मूल वेतन 12900 करना था। प्रबोधकों का कहना है कि उस समय लेखाकर्मियों की भूल के कारण ग्रेड पे में तो बदलाव हो गया। लेकिन पे बैण्ड में बदलाव नहीं किया। इससे इन शिक्षकों के मूल वेतन में कोई बदलाव नहीं हुआ। जिससे वह 11170 रुपए ही रह गया। इसके विपरीत करीब 4 वर्ष बाद 2012 में नियुक्त हुए शिक्षकों को नए पे बैण्ड 9300-34800 व ग्रेड पे 3600 रुपए मानते हुए मूल वेतन 12900 रुपए के आधार पर लाभ दिया जा रहा है इससे समान काम होने के बाद तृतीय श्रेणी शिक्षकों व प्रबोधकों के दो प्रकार के वेतनमान है।

परेशानी

मूल वेतन में बड़ी विसंगति होने से बढ़ी परेशानी, प्रबोधक संघ ने की सुधार की मांग

संशोधित लाभ देने की मांग की है

7वें वेतनमान की विसंगति के कारण 2008 से पूर्व के शिक्षकों को हर माह हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है। अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ ने सामंत कमेटी और सरकार से विभागीय त्रुटि व रूल नंबर 28 की व्याख्या में सुधार करते हुए इन शिक्षकों व प्रबोधकों को एक जुलाई 2013 से संशोधित लाभ देने की मांग की है। हरलालसिंह डूकिया, जिलाध्यक्ष, अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ

विसंगति दूर नहीं हुई तो करेंगे प्रदर्शन

राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में 30 अप्रैल तक वेतन विंसगति दूर नहीं की गई तो आगामी मई माह में हर ब्लॉक व जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन व उपवास का कार्यक्रम रखा जाएगा। साथ ही संगठन की ओर से सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से मांग रखी जाएगी। ताकि तृतीय श्रेणी शिक्षकों व प्रबोधकों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। गणपतराम बिश्नोई, जिला संयोजक, अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ नागौर

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Khiwsar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×