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बेटियाें को बोझ न समझें, समाज के विकास में अहम भूमिका

Dainik Bhaskar

May 09, 2018, 05:05 AM IST

Khiwsar News - टांकला गांव के संत किशनदास महाराज गौशाला में मंगलवार को भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित अशोक महाराज ने कहा...

बेटियाें को बोझ न समझें, समाज के विकास में अहम भूमिका
टांकला गांव के संत किशनदास महाराज गौशाला में मंगलवार को भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित अशोक महाराज ने कहा कि हमारे धर्म के अनुसार गाय की पूजा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। मनुष्य को गाै पालन कर गाय की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय में सभी देवी देवताओं का वास होने के कारण गाय हर तरह से शुभ रहती है। आज गाय की दुर्दशा के कारण संसार में पाप का भार बढ़ रहा है। महाराज ने कहा कि बेटियों काे समाज में बोझ समझा जाता है लेकिन बेटियाें को समाज के विकास में महत्वपूर्ण सहयोग। बनाती हैं। बेटी को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए। इस अवसर पर संत मोतीराम महाराज ने कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते है। भागवत कथा में टांकला, सिणोद, अहमदपुरा, भाकरोद, हमीराणा, सियागों की ढाणियां, गुड़िया, जोरावरपुरा, डेहरू सहित आसपास के गांवों से श्रद्धालु मौजूद रहे।

दधवाड़ा| कस्बे के निकटवर्ती गांव रूण में भागवत सेवा प्रकल्प ट्रस्ट एवं लखारा परिवार के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्तरीय गौ चिकित्सालय नागौर गौ-सेवा हितार्थ चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन कथा में सनातन संस्कृति एवं पाश्चात्य संस्कृति पर व्याख्यान हुआ। मंगलवार को श्री राम धाम खेड़ापा से पीठाधीश्वर पुरुषोत्तमदास शास्त्री ने प्रवचन दिए। इस दौरान महाराज ने गौ-सेवा करने के लिए प्रेरित किया। इसी दौरान कथा वाचिका देवी ममता ने प्राचीन सनातन संस्कृति के महत्व के बारे में बताया और कहा कि वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति ने चारों ओर पैर प्रसार लिए हंै परिणाम स्वरूप सनातन संस्कृति विलुप्त होने के कगार पर है। इस दौरान ब्रह्मा उत्पत्ति, ध्रुव महाराज की झांकियां प्रस्तुत की गई। इस दौरान गौ-सेवक पुखराज लखारा, बेगी देवी लखारा, कैलाश लखारा, रामस्वरूप लखारा सहित अनेक दानदाताओं ने गौ सेवार्थ आर्थिक सहयोग किया। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि भंवरूराम मेघवाल, श्रद्धालु बजरंग आदि मौजूद थे।

खींवसर. टांकला के गौशाला में भागवत कथा में उमड़े श्रद्वालु ।

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