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मंत्री खींवसर अंत्येष्टि स्थल से 10 किमी दूर थे, किसान का बेटा शहीद हुआ था, किसको परवाह : बेनीवाल

आईटीबीपी के जवान दमाराम सियोल की दो दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद शुक्रवार को उनके पैतृक गांव सियोलनगर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 05, 2018, 05:10 AM IST

  • मंत्री खींवसर अंत्येष्टि स्थल से 10 किमी दूर थे, किसान का बेटा शहीद हुआ था, किसको परवाह : बेनीवाल
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    आईटीबीपी के जवान दमाराम सियोल की दो दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद शुक्रवार को उनके पैतृक गांव सियोलनगर में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के वन व पर्यावरण मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर का नहीं आना चर्चा का विषय रहा। इस पर राजनीति भी गरमा गई। अंतिम संस्कार में शामिल होने आए खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि मंत्री खींवसर अंत्येष्टि स्थल से महज 10 किमी दूर थे लेकिन किसान का बेटा शहीद हुआ, इसलिए किसी को इसकी परवाह नहीं। उधर, मंत्री खींवसर ने स्पष्ट किया कि वे सांत्वना विजिट पर ही थे लेकिन 60-70 किमी दूर थे। मैं शनिवार को ही बैठने जा रहा हूं। उधर, ग्रामीणों का भी कहना था कि मंत्री खींवसर दस किमी दूर रामनगर में जोधा की ढाणी स्थित कृष्ण नगर सरपंच फूल कंवर के ससुर भंवरसिंह जोधा के निधन पर उनके घर शोकसभा में मौजूद थे लेकिन सियोलनगर नहीं आए। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी थी कि जवान की अंत्येष्टि में एक भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा।

    विधायक बेनीवाल

    एक किसान का बेटा शहीद हुआ है। किसको परवाह है। मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर को माला पहनने से भी फुर्सत नहीं है। जहां शहीद का दाह संस्कार हो रहा था, वहां से 10 किमी दूर मंत्रीजी का कार्यक्रम था लेकिन एक जवान के अंतिम संस्कार में पहुंचने का उनके पास समय नहीं था। मुझे बताया गया कि वे अन्य जगहों पर भी गए हैं। इस सरकार का यही चेहरा है। प्रशासन-पुलिस के अधिकारी भी इसलिए ही नहीं थे क्योंकि वे भी मंत्री की सेवा में लगे हुए थे। उन्हें न शहादत से मतलब और न ही जनभावनाओं से। -हनुमान बेनीवाल, विधायक खींवसर

    आईटीबीपी के जवान शहीद नहीं हुए थे, उनकी बस पलट गई थी। मैंने प्रशासन से भी पूछा तो बताया कि ये एक्सीडेंट था। बॉडी का भी पक्का नहीं था, कब आ रही है। मैं तो कल ही बैठने के लिए जा रहा हूं। मेरे एरिया में 12-13 डेथ हुई थी, मैं सांत्वना विजिट पर ही था। मैं कल बैठने जाऊंगा। उनकी डेथ तो ऑन ड्यूटी हुई है। मुझे कहानी सुनाई गाड़ी पलट गई। मैं वहां से 60-70 किमी दूर था। उनके (हनुमान बेनीवाल) के कहने से क्या होता है, उनकी तो आदत है आरोप लगाने की, छींटे उछालने की। -गजेंद्रसिंह खींवसर, मंत्री, वन व पर्यावरण

    मंत्री खींवसर

    दमाराम शहीद नहीं हुए, मैं तो सांत्वना विजिट पर ही था, लेकिन बहुत दूर था, कल बैठने जाऊंगा : खींवसर

    अंतिम दर्शन के लिए उमड़े ग्रामीण

    चाडी के पास स्थित सियोल नगर में बुधवार को आईटीबीपी के जवान दमाराम सियोल का पार्थिव शरीद पहुंचा तो उनके अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीण उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। आईटीबीपी तथा प्रशासन की ओर से उनका राजकीय सम्मान से अंतिम सरकार किया गया। जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ आॅनर दिया। वहां मौजूद आईटीबीपी, पुलिस तथा जन प्रतिनिधियों ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र चढ़ाए। इस दौरान आईटीबीपी के इस्पेक्टर हेमराज, ओसियां थाना अधिकारी नेमाराम इनानिया, खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल, लीला मदेरणा, सियोलनगर सरपंच डूंगरराम सियोल, बिरड़ा राम बिश्नोई, बन्नाराम सियोल, जोधाराम, रामचंद्र मदेरणा, प्रवीण मदेरणा,आदि सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। आईटीबीपी के अधिकारियो ने बताया कि जवान दमाराम बुधवार को सुबह वाहन में सैनिकों मुनस्यारी पोस्ट पर पहुंचा कर वापस आ रहा था। रास्ते में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में सियोल की मौके पर ही मौत हो गई थी। दमाराम की 8 साल पहले शादी हुई थी तथा 6 साल की बेटी हैं।

    आटीबीपी के जवान की अंत्येष्टि की मुझे देरी से सूचना मिली थी। दिन भर मैं न्याय आपके द्वार शिविर में था। इसके चलते मैं नहीं जा पाया था। वैसे बापिणी तहसील बनने के बाद अभी यह तय नहीं हुआ कि यह गांव किसके अधिकार क्षेत्र में आएगा। हालांकि अभी इन गांवों में न्याय आपके द्वार शिविर की जिम्मेदारी मुझे ही मिली हुई है। -गोपाल परिहार, एसडीएम ओसियां

    चाडी के पास स्थित सियोल नगर में बुधवार को आईटीबीपी के जवान दमाराम सियोल का पार्थिव शरीद पहुंचा तो उनके अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीण उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। आईटीबीपी तथा प्रशासन की ओर से उनका राजकीय सम्मान से अंतिम सरकार किया गया। जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ आॅनर दिया। वहां मौजूद आईटीबीपी, पुलिस तथा जन प्रतिनिधियों ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र चढ़ाए। इस दौरान आईटीबीपी के इस्पेक्टर हेमराज, ओसियां थाना अधिकारी नेमाराम इनानिया, खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल, लीला मदेरणा, सियोलनगर सरपंच डूंगरराम सियोल, बिरड़ा राम बिश्नोई, बन्नाराम सियोल, जोधाराम, रामचंद्र मदेरणा, प्रवीण मदेरणा,आदि सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। आईटीबीपी के अधिकारियो ने बताया कि जवान दमाराम बुधवार को सुबह वाहन में सैनिकों मुनस्यारी पोस्ट पर पहुंचा कर वापस आ रहा था। रास्ते में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में सियोल की मौके पर ही मौत हो गई थी। दमाराम की 8 साल पहले शादी हुई थी तथा 6 साल की बेटी हैं।

    आटीबीपी के जवान की अंत्येष्टि की मुझे देरी से सूचना मिली थी। दिन भर मैं न्याय आपके द्वार शिविर में था। इसके चलते मैं नहीं जा पाया था। वैसे बापिणी तहसील बनने के बाद अभी यह तय नहीं हुआ कि यह गांव किसके अधिकार क्षेत्र में आएगा। हालांकि अभी इन गांवों में न्याय आपके द्वार शिविर की जिम्मेदारी मुझे ही मिली हुई है। -गोपाल परिहार, एसडीएम ओसियां

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