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हिंसक जानवर की पांच दिन से दहशत, वृद्ध पर हमला

भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़ अवाना की पाल क्षेत्र में पांच दिनों से हिंसक जानवरों के हमले से क्षेत्रवासियों में...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:25 AM IST
भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़

अवाना की पाल क्षेत्र में पांच दिनों से हिंसक जानवरों के हमले से क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल है। शनिवार को फिर से हिंसक जानवर ने हमला कर एक वृद्ध को घायल कर दिया। मोहल्लेवासियों में हिंसक मवेशी को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। मौके पर वन विभाग के अधिकारी भी पहुंचे लेकिन ये पता नहीं लगा पाए कि हमला करने वाला हिंसक जानवर कौनसा है। क्षेत्रवासियों को अपनी व अपने मवेशियों की जान की चिंता सता रही है।

जानकारी के अनुसार वार्ड 41 में अवाना की पाल के पास पिछले पांच-सात दिनों से अज्ञात हिंसक जानवर हमला कर रहा है। शनिवार को क्षेत्र के मांगू गुर्जर (60) के सिर पर हमला कर हिंसक जानवर ने घायल कर दिया। मांगू के सिर पर अचानक पीछे से हिंसक जानवर ने हमला किया।

वो कुछ समझ पाते तब तक हिंसक जानवर भाग गया। घबराया मांगू हिंसक जानवर को नहीं देख पाया लेकिन उसका सिर खून से लहूलुहान हो गया। मांगू के चिल्लाने पर आसपास के लोग जमा हो गए। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। क्षेत्रवासियों ने बताया कि पिछले चार पांच दिन से अज्ञात हिंसक जानवर लगातार हमला कर रहा है। कभी इंसान पर हमला करता है तो कभी मवेशियों पर।

किशनगढ़. हिंसक जानवर के हमले के बाद मौके पर मौजूद पूर्व सभापति जगदीप गुर्जर।

अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया

हिंसक मवेशी इंसान ही नहीं बल्कि मवेशियों पर भी हमला कर घायल कर रहा है। क्षेत्रवासी लालानाथ ने बताया कि हिंसक जानवर ने उसकी दो भैंस के बछड़ों को भी घायल किया है। इसके अलावा क्षेत्र के कई लोगों के मवेशियों पर हमले कर रहा है। वार्ड के मांगू, लाला नाथ, कालूू गुर्जर, रामस्वरूप गुर्जर, नंदलाल गुर्जर, रामदेव गुर्जर सहित अन्य ने अपनी पीड़ा बताई। युवा नेता राजेश सैनी व पूर्व सभापति जगदीप गुर्जर मौके पर पहुंच गए और क्षेत्रवासियों से घटना की जानकारी ली। जनप्रतिनिधियों ने फोन कर वन विभाग के अधिकारी अमर सिंह से बात की और घटना की जानकारी देकर जल्द से जल्द हिंसक जानवर को पकड़ने के लिए कहा। इस पर वन विभाग ने हिंसक जानवर को पकड़ने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि हिंसक जानवर कौनसा है इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल है।

घायल मांगू गुर्जर।

ऐसा पहला मामला

अवाना की पाल क्षेत्र में हिंसक जानवर के हमले का ये पहला मामला है। इससे पूर्व राजारेडी क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्र में भी पांच साल पहले हिंसक जानवर ने हमला किया था। उसके पगमार्ग भी बने थे लेकिन अवाणा की पाल में ऐसा पहला मामला सामने आया है। संभवत: जरख, पैंथर, लकड़बग्गा जैसा हिंसक जानवर भी हो सकता है। वन विभाग पता लगाने का प्रयास कर रहा है।

क्षेत्रवासियों में दहशत

इससे क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल व्याप्त है। क्षेत्रवासियों को अपने बच्चे, महिलाओं को घर से बाहर भेजने में भी भय लगने लगा है। मालूम हो कि अवाना की पाल वाला क्षेत्र सुनसान है। उसके ठीक पीछे घना जंगला शुरू हो जाता है। इसके पास ही गुंदोलाव झील है। ऐसे में कोई हिंसक जानवर पानी पीने या शिकार करने के मकसद से यहां आकर हमला कर सकता है।