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गुणानुवाद करने उमड़े श्रद्धालु

मदनगंज किशनगढ़. मुनि श्री के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद श्राविकाएं। भास्कर न्यूज | मदनगंज किशनगढ़...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:35 PM IST
गुणानुवाद करने उमड़े श्रद्धालु
मदनगंज किशनगढ़. मुनि श्री के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद श्राविकाएं।

भास्कर न्यूज | मदनगंज किशनगढ़

ओसवाली मोहल्ला स्थित स्थानक पर बुधवार को उपाध्याय प्रवर मुनि जितेन्द्र महाराज का 62वां जन्मोत्सव श्रद्धा व उल्लास पूर्वक मनाया गया। गुणानुवाद कार्यक्रम का शुभारंभ ब्राह्मी नवयुवती मंडल ने मंगलाचरण से किया।

इस दौरान प्रभास मुनि महाराज ने उपाध्याय प्रवर मुनि जितेन्द्र के जीवन पर प्रकाश डाला और जीवन से सीख लेकर जीवन पथ पर आगे चलने की सीख दी। मुनि श्री ने कहा कि मुनि श्री ने विनयवान, सरल, त्यागी, नए कपड़ों का आजीवन त्याग, तपस्वी सहित अन्य की गुणों को अपने जीवन में उतारा है। मुनि श्री 32 आगमों सहित महाभारत, रामायण, भगवत गीता सहित अन्य का अध्ययन किया। इस दौरान जैन स्टडी ग्रुप ने स्वागत गीत, चेतन चौरड़िया सहित अन्य ने अपने गुणानुवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान जैन काॅन्फ्रेंस के नेमीचंद चौपड़ा, रतनलाल लसोड़, नरेश जैन, राकेश जैन, लवकुश जैन, संजीव जैन, सम्मी जैन, केसर सिंह मेहता सहित अनेक मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत शाखा पदाधिकारियों ने किया । संघ के गुमानमल चौरड़िया ने बताया कि जन्मोत्सव पर 362 श्रावक श्राविकाओं ने एकासन, दयाव्रत, आयंबिल कर तप, त्याग किया। इसके लाभार्थी सज्जन देवी गुमानमल चोरडिया रहे। जन्मोत्सव पर चौबीसी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सेवा करो, दिखावा नहीं

उपाध्याय प्रवर मुनि जितेन्द्र महाराज ने कहा कि जन्मदिन तो महापुरुषों का मनाया जाता है। जन्म दिन मनाना तब सार्थक होगा जब धर्म, संयम, व तपन में हम निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। संत के दरबार से काेई खाली नहीं आता। भक्त की भावना को भगवान व संत दोनों स्वीकार करते हैं। मुनि श्री ने सभी श्रावक श्राविकाओं से जाने अनजाने में हुई त्रुटि के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि जब भी अवसर मिले प्राणीमात्र की सेवा अवश्य करो। सेवा करो, दिखावा नहीं।

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