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इंटर्नशिप में मनमानी नहीं कर सकेंगे कॉलेज

भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़ बीएड व एसटीसी कोर्स में इंटर्नशिप को लेकर अब निजी बीएड व एसटीसी कॉलेज स्कूल ऑप्शन...

Bhaskar News Network| Last Modified - Jul 25, 2018, 03:00 AM IST

इंटर्नशिप में मनमानी नहीं कर सकेंगे कॉलेज
इंटर्नशिप में मनमानी नहीं कर सकेंगे कॉलेज
भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

बीएड व एसटीसी कोर्स में इंटर्नशिप को लेकर अब निजी बीएड व एसटीसी कॉलेज स्कूल ऑप्शन भरने में मनमानी नहीं कर सकेंगे। राज्य सरकार ने आदेश जारी इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने वाले प्रशिक्षणार्थी को कॉलेज द्वारा भरी गई स्कूल की चॉइस को बदलने या डिलीट करने का ऑप्शन पोर्टल पर दिया है। अक्सर ऐसे कई मामले पिछले दौर में हुई इंटर्नशिप के दौरान सामने आए थे, जिनमें विद्यार्थी द्वारा दी गई स्कूल और कॉलेज द्वारा भरी गई स्कूल में अंतर मिला। इसका खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ा और सरकार को काफी परेशानी हुई और स्कूल बदलने भी पड़े थे। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की राज्य परियोजना निदेशक शिवांगी स्वर्णकार ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी इसकी जांच भी कर लें कि जो चॉइस उन्होंने भरकर स्कूल को दी है, वही भरी गई है या नहीं। सरकार ने स्कूल चयन का समय भी बढ़ाकर 25 जुलाई कर दिया है। 31 तक स्कूलों का आवंटन कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि प्रथम वर्ष में 4 सप्ताह और दूसरे वर्ष में 16 सप्ताह का इंटर्नशिप कार्यक्रम पाठ्यक्रम के तहत शामिल है।

25 तक इंटर्नशिप के लिए चुन सकते हैं स्कूल, विद्यार्थियों को मिला ऑप्शन

एक्स स्टूडेंट की एंट्री भी करेंगे कॉलेज

राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जारी आदेशों में कहा है कि यदि कोई प्रशिक्षणार्थी पूर्व विद्यार्थी है और सत्र 2018-19 में द्वितीय वर्ष की इंटर्नशिप करना चाहता है तो उसकी एंट्री भी शाला दर्पण पोर्टल पर होगी और उनको स्कूल आवंटन अन्य प्रशिक्षणार्थियों के साथ ही किया जाएगा।

इसके अलावा यदि किसी विद्यार्थी की सूचनाएं कॉलेज द्वारा नहीं भरी जाती हैं तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज की होगी।

यदि किसी प्रशिक्षणार्थी को पूर्व में इंटर्नशिप के लिए स्कूल आवंटित हो गया, लेकिन किसी कारणवश उसने स्‍कूल में इंटर्नशिप नहीं की तो दुबारा आवंटन नहीं होगा, लेकिन कॉलेज के लिखित अनुरोध पर डीईओ एलीमेंट्री द्वारा उसी स्कूल में इंटर्नशिप की स्वीकृति दी जा सकेगी। संबंधित संस्था प्रधान को प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा।

यदि कोई प्रशिक्षणार्थी पुनर्मूल्यांकन में पास हो जाता है और उसकी इंटर्नशिप की सूचनाएं शाला दर्पण पोर्टल पर नहीं भरी गई तो इंटर्नशिप के अंतिम राउंड में कॉलेज को उसकी सूचनाएं भरने का मौका दिया जाएगा ताकि उसकी सूचनाएं भरी जा सके और स्कूल का आवंटन हो सके।

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