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रीट में चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग और बीएड परीक्षा एक दिन, हजारों पर संकट

लंबे समय बाद रीट परीक्षा के बाद सफल हुए अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने का सपने पर एक ही दिन में काउंसलिंग और बीएड के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 24, 2018, 03:30 AM IST

लंबे समय बाद रीट परीक्षा के बाद सफल हुए अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने का सपने पर एक ही दिन में काउंसलिंग और बीएड के पेपर ने ग्रहण लगा दिया है। रीट में पास होने वाले चयनित करीब 20 हजार अभ्यर्थियों में से हजारों अभ्यर्थी धर्मसंकट में फंसे हैं। रीट में पास होने वाले चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग प्रदेश के विभिन्न जिलाें में 5 और 6 जुलाई को है। इसी दिन बीएड प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के अभ्यर्थियों की परीक्षाएं हैं। यानि बीएड कर रहे अभ्यर्थी रीट में क्लीयर होने के बाद काउंसलिंग के लिए जाएंगे। लेकिन काउंसलिंग के दोनों दिन ही बीएड अभ्यर्थियों की परीक्षा होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हजारों अभ्यर्थियों के सामने ये समस्या है कि वे कौनसी परीक्षा दें। अभ्यर्थियों को चिंता सता रही है कि वे बीएड की परीक्षा दें या काउंसलिंग में जाएं। हालांकि सभी अभ्यर्थी काउंसलिंग में शामिल होकर सरकारी शिक्षक बनने के सुनहरे मौके को ही चुनेंगे लेकिन इस उनके बीएड के पेपर से वंचित रहना पड़ेगा। इन अभ्यर्थियों के लिए एक साल बर्बाद हो जाएगा। अभ्यर्थियों को छूटे हुए पेपर अगले साल देने होंगे। यानि उनके लिए बीएड दो साल की बजाय तीन साल की हो जाएगी। कुल मिलाकर एक ही समय में काउंसलिंग और पेपर होने से अभ्यर्थियों का समय और धन बर्बाद होगा। इसको लेकर प्रदेश में हजारों अभ्यर्थियों को भविष्य की चिंता सता रही है। दबी आवाज में अभ्यर्थी सरकार से परीक्षा और काउंसलिंग की तय तारीख में बदलाव की मांग कर रहे है। उच्चाधिकारियों की माने तो मीडिया, स्टूडेंट्स, प्रतिनिधियों के जरिये संबंधित विश्विविद्यालयों के कुलपति तक ये पहुंचाने पर बीएड के परीक्षा पेपर में बदलाव किया जा सकता है। अब देखना ये है कि सरकार और आयोजकों को अभ्यर्थियों की भविष्य की चिंता है या नहीं।

बीएड का पेपर नहीं दे पाए तो सेकंड ग्रेड की परीक्षा नहीं दे पाएंगे अभ्यर्थी

अभ्यर्थियों ने बताया कि काउंसलिंग और बीएड प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष का पेपर एक ही दिन होने के कारण अभ्यर्थी का एक साल बर्बाद हो जाएगा। पेपर नहीं देने वाले अभ्यर्थी आने वाले दिनों में सैकंड ग्रेड भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। कम्प्यूटर ही उन्हे स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही हजारों अभ्यर्थियों के लिए ओवरऐज का भी संकट है। एक साल ज्यादा बीएड होने के कारण ओवरऐज होने वाले अभ्यर्थी सैकंड ग्रेड परीक्षा नहीं दे पाएंगे। ऐसे में सैकंड ग्रेड अध्यापक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह जाएंगे।

सैकड़ों किमी दूर दूसरे जिलों में आया है काउंसलिंग का नंबर

अभ्यर्थियों के अनुसार 5 और 6 जुलाई को काउंसलिंग होनी है। काउंसलिंग प्रदेश के विभिन्न जिलों में सैंकड़ों किलोमीटर दूरी पर आया है। 5 जुलाई को महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होनी है। 6 जुलाई को पुरुष अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। इसी तरह 5 जुलाई को बीएड के सेकंड ईयर अभ्यर्थी का सूचना एवं सम्प्रेषण तकनीकी का समीक्षात्मक अध्ययन ( EPC-3) की परीक्षा है। जबकि 6 जुलाई को बीएड फर्स्ट ईयर की अभ्यर्थी की परीक्षा है। ऐसे में सैंकड़ों किलोमीटर दूरी से अभ्यर्थी ना तो काउंसलिंग से वापस परीक्षा देने आ सकेंगे।

20 हजार का हुआ था रीट में सलेक्शन

गत दिनों पूर्व हुई रीट की परीक्षा के बाद परिणाम जारी किया गया था। रीट की परीक्षा में 68 हजार अभ्यर्थी पास हुए थे। जिनमें 20 हजार 497 अभ्यर्थियों का मेरिट सूची के आधार पर काउंसलिंग के लिए चयन किया गया। इनमें से करीब 8 हजार अभ्यर्थी बीएड प्रथम और द्वितीय वर्ष के पेपर दे रहे हैं।

ये मेरा क्षेत्राधिकार नहीं है। इसके लिए अभ्यर्थी या प्रतिनिधी संबंधित विश्वविद्यालय के वीसी से बात करें। उन तक सूचना पहुंचाएं और समस्या से अवगत कराएं। संभवत: परीक्षा में बदलाव किया जा सकता है। पेपर की तिथि में बदलाव होते आए हैं। बीपी सारस्वत, परीक्षा प्रभारी, पीटीईटी, अजमेर

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