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अनदेखी और धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंक पुराने कार्ड रिप्लेस करेंगे

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ दिसंबर तक करीब एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं के एटीएम कार्ड बंद हो जाएंगे। वजह...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 09, 2018, 04:30 AM IST

अनदेखी और धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंक पुराने कार्ड रिप्लेस करेंगे
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

दिसंबर तक करीब एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं के एटीएम कार्ड बंद हो जाएंगे। वजह मेग्नेटिक स्ट्राइप वाले एटीएम कार्ड बैंकों द्वारा बंद करना। इनके स्थान पर बैंकों की ओर से चिप वाले एटीएम कार्ड उपभोक्ताओं को जारी किए जाएंगे। इसके लिए बैंक उपभोक्ताओं को पुराने कार्ड रिप्लेस करने के लिए नोटिस भेज रही है।

उपखंड में करीब 50 हजार एटीएम कार्ड हैं, जिनमें से ज्यादातर को रूपे कार्ड में बदल दिया गया है, जो चिप युक्त हैं। दरअसल आरबीआई ने बैंकों को मेग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए दिसंबर तक का वक्त दिया गया है। तब तक इस तरह के सभी कार्ड बंद करना होगा। बैंक पुराने कार्ड बदलकर नए चिप वाले कार्ड जारी करेगी। बैंक ग्राहकों को पुराने कार्ड को रिप्लेस करने के लिए नोटिस जारी कर रही है ताकि अगले छह महीने में इन्हें बंद किया जा सके। बैंक चिप वाले कार्ड्स के लिए कोई अलग से चार्ज नहीं लेंगे। इसे बिल्कुल फ्री ऑफ कॉस्ट रखा है। ग्राहकों के कार्ड निशुल्क बदले जाएंगे। एलडीएम आरएस चौहान ने बताया कि मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड पुरानी टैक्नोलॉजी हो चुकी है। आरबीआई ने इसे बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। इसकी जगह चिप वाले कार्ड जारी किए जाएंगे। यह मैग्नेटिक कार्ड से ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि इसमें बैंक ग्राहकों की डिटेल्स ज्यादा सुरक्षित रहती है।

दिसंबर तक बंद हो जाएंगे एक लाख एटीएम कार्ड

मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड और चिप वाले कार्ड में ये अंतर

मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड से ट्रांजेक्शन के लिए कार्ड होल्डर के सिग्नेचर की जरूरत होती है। इस पर आपके अकाउंट की डिटेल्स मौजूद होती है। इसी स्ट्राइप की मदद से कार्ड स्वाइप के दौरान मशीन आपके बैंक इंटरफेस से जुड़ती है और प्रोसेस आगे बढ़ती है।

वहीं चिप वाले कार्ड में सारी इंफोर्मेशन चिप में रहती है। इनमें भी ट्रांजेक्शन के लिए पिन और सिग्नेचर जरूरी होते हैं लेकिन ईएमवी चिप कार्ड में ट्रांजेक्शन के समय यूजर को अथेंटिक करने के लिए एक यूनिक ट्रांजेक्शन कोड जनरेट होता है, जो वेरिफिकेशन को सपोर्ट करता है। ऐसा मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड में नहीं होता।

चिप वाले कार्ड में उपभोक्ता की डिटेल चिप में होती है। इसे कॉपी नहीं किया जा सकता। इस कार्ड में हर ट्रांजेक्शन के लिए एक इंक्रिप्टेड कोड जारी होता है। इसलिए ये ज्यादा सेफ है।

मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड से डाटा कॉपी करना आसान है। डाटा के आधार पर नकली कार्ड बनाना आसान है जबकि चिप वाले कार्ड में नहीं है।

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