--Advertisement--

ट्रेन से होने वाली मौतों को कम करने के लिए बनेगी कमेटी

भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़ ट्रेन की चपेट में आने से होने वाली मौतों सहित अन्य घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे...

Dainik Bhaskar

Jun 25, 2018, 04:35 AM IST
भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़

ट्रेन की चपेट में आने से होने वाली मौतों सहित अन्य घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे बोर्ड ने कमेटी बनाने का फैसला किया है। देश में ट्रेन की चपेट में आने सहित अन्य हादसों में औसतन प्रतिदिन 76 लोगों की मौत होती है। वर्ष 2020 तक इस संख्या को कम करने का लक्ष्य है। उत्तर-पश्चिम सहित सभी रेलवे मंडलों में चार-चार अधिकारियों की कमेटी बनाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर ढांचागत परिवर्तन भी किया जाएगा।

रेलवे परिक्षेत्र में होने वाली अनहोनी घटनाओं के आंकड़ों को देखने के बाद यह बात सामने आई कि वर्ष 2016 में 27 हजार 779 व्यक्तियों की मृत्यु हुई। वर्ष 2017 में 27 हजार 771 व्यक्ति मारे गए। सबसे अधिक मौत रेल पटरी पार करने के दौरान हुई। 18.44 प्रतिशत मामले ट्रेन से गिरने से मौत होने के रहे। प्लेटफॉर्म व ट्रेन के कोच के बीच आने सहित अन्य मामलों में मौत का प्रतिशत 32.52 रहा। इन आंकड़ों के लगातार बढ़ने को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने इन्हें रोकने के इंतजाम करने की तैयारी की। अब सभी मंडल के जीएम अपने-अपने मंडल में कमेटी बना रहे है। इस बारे में 25 मई को आदेश जारी किए हैं।

उपखंड में हो चुकी हैं दो साल में 46 मौतें

ट्रेन की चपेट में आने की घटनाएं आए दिन सामने आती है। पिछले दो साल में किशनगढ़ उपखंड में ट्रेन की चपेट में आने की करीब 46 मौत के मामले सामने आ चुके है। इनमें अधिकांश मामले ट्रेन की पटरियां पार करते समय हुए है। इनमें किशनगढ़ सीओ सर्किल सहित जीआरपी चौकी की घटनाएं शामिल है। पिछले छह महीने में अब तक 15 से ज्यादा ट्रेन की चपेट में आने से मौत के मामले सामने आ चुके है। ऐसे में कमेटियां का निरपराध भी आवश्यक है।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..