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अब हर मेडिकल स्टोर पर मिलेंगी जेनरिक दवाएं

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ प्रधानमंत्री के जन औषधि केंद्र संचालकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रूबरू...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 19, 2018, 04:45 AM IST

अब हर मेडिकल स्टोर पर मिलेंगी जेनरिक दवाएं
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

प्रधानमंत्री के जन औषधि केंद्र संचालकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रूबरू होने के तत्काल बाद केंद्र सरकार ने देश में जेनेरिक दवाइयों को सुलभ कराने के लिए बड़ा फैसला किया है। अब देश में प्रत्येक रिटेल मेडिकल स्टोर पर जेनेरिक दवाइयों का अलग से स्टॉक होगा। इसके लिए प्रत्येक दवा दुकान पर एक आलमारी या रैक होगी, जो ग्राहकों के लिए विजिबल होनी चाहिए।

केंद्र के औषधि महानियंत्रक डॉ. एस ईश्वरा रेड्डी ने सभी राज्य सरकारों को इस संबंध में निर्देशित किया है। किशनगढ़ उपखंड में तीन औषधि केंद्र हैं। इनमें से दो बंद होने के कगार पर है। एक संचालित हो रहा है। यहां भी जेनेरिक दवाइयों की कमी रहती है। इस व्यवस्था से दवाइयों की समस्या का समाधान हो सकेगा।

केंद्र ने 12 जून को दिए थे आदेश

आदेश में कहा गया है कि जेनेरिक दवाइयों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश अपने अधीन आने वाले रिटेल दवा काउंटरों पर यह सुनिश्चित करें कि वहां अलग से जेनरिक दवाइयां रखने की व्यवस्था हो। स्थानीय औषधी केंद्र संचालकों ने बताया कि इस तरह का आदेश जारी हो गया है अभी डिटेल गाइडलाइन आना बाकी है। इसमें दुकानदारों को बहुत बड़ा बदलाव नहीं करना, बस यह तय करना है कि हर काउंटर पर अन्य दवाइयों के साथ-साथ जेनरिक दवाइयां भी हों।

आदेश की पालना में ये हैं 2 बड़ी चुनौतियां

1. जेनरिक दवाइयों को लेकर सरकार ने आदेश तो निकाल दिया है लेकिन इनकी सप्लाई बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। किशनगढ़ में प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत तीन दुकानें खुली थी, लेकिन सप्लाई प्रॉपर नहीं होने की वजह से 2 दुकानें बंद होने की कगार पर आ गई। वर्तमान में सिर्फ 1 जन औषधि केंद्र चल रहा है। ऐसे में यदि सभी रिटेल दुकानों पर जेनेरिक दवाइयां रखवाई जाती हैं तो पूरे देश में सप्लाई की जरूरत होगी, जो बहुत बड़ी चुनौती रहेगी।

2. केंद्र सरकार की मंशा है कि आम आदमी को सस्ती दवाइयां सुलभ हों। लेकिन महज यह आदेश जारी करने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि काउंटरों पर दवाइयां डॉक्टर के पर्चे के आधार पर ही दी जाती है। जब तक डॉक्टर स्लिप पर दवाओं का जेनेरिक नेम नहीं लिखेंगे, तब तक गरीब मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं होने वाला। क्योंकि फार्मासिस्ट वही दवा देगा, जो डॉक्टर लिखेगा।

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