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हाथ को चीरते हुए कंधे से पार हुआ रॉड, तीन घंटे ऑपरेशन के बाद बची मरीज की जान

हैल्थ रिपोर्टर | अजमेर/मदनगंज-किशनगढ़ एक ऐसा हादसा जिसने भी देखा रूह कांप उठी, 5 फीट लंबा और करीब 4 इंच चौड़ा एंगल...

Dainik Bhaskar

Jul 08, 2018, 04:45 AM IST
हाथ को चीरते हुए कंधे से पार हुआ रॉड, तीन घंटे ऑपरेशन के बाद बची मरीज की जान
हैल्थ रिपोर्टर | अजमेर/मदनगंज-किशनगढ़

एक ऐसा हादसा जिसने भी देखा रूह कांप उठी, 5 फीट लंबा और करीब 4 इंच चौड़ा एंगल रॉड एक युवक के हाथ के बाजू को चीरता कंधे से पार हो गया। करीब तीन घंटे ऑपरेशन कर जेएलएन अस्पताल के डॉक्टरों ने युवक की जान बचा ली। डॉक्टर्स भी अजमेर के जेएलएन अस्पताल में यह पहली तरह का ऑपरेशन मान रहे हैं। युवक करीब साढ़े पांच घंटे तक रॉड को अपने शरीर में रखने का दर्द झेलता रहा। ऑपरेशन के बाद उसे कुछ घंटों के लिए वेंटिलेटर पर रखा गया। अब उसकी हालत खतरे से बाहर है।

किशनगढ़ निवासी 25 वर्षीय कमल पुत्र दुर्गालाल प्रजापत शुक्रवार रात रूपनगढ़ में किसी शादी समारोह में शामिल होकर कार से किशनगढ़ लौट रहा था। रात करीब 12.15 बजे काली डूंगरी के पास सामने से एक अन्य ट्रक काे ओवरटेक कर आते ट्रक ने कमल की कार को चपेट में ले लिया और ट्रक में लगा एक सरिया कमल के बाजू को चीरता हुआ कंधे से होते हुए पीठ में निकल गया।

हादसे की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस से युवक को किशनगढ़ यज्ञनारायण अस्पताल लाया गया, जहां से उसे रात करीब 2 बजे जेएलएन अस्पताल लाया गया।

पूरे रास्ते 108 एंबुलेंस कर्मियों से बात करते पहुंचा अस्पताल

ऑपरेशन को करने वाली डॉक्टरों की टीम

हादसे के बाद शरीर में रॉड होने के बाद भी कमल ने हिम्मत नहीं हारी। उसे लेने मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस के चालक भरत सिंह ने बताया कि वह पूरे रास्ते स्टाफ से बात करता रहा। पूरी तरह होश में रहा। हालांकि दर्द के कारण कई बार चिल्ला उठता था, लेकिन वह बिल्कुल भी घबराया नहीं। कमल के छोटे भाई सुनील कुमार ने बताया कि उसका भाई खुद की ही पिकअप चलाने का काम करता है। रात साढ़े 11 बजे भाई ने उसे फोन कर बताया था कि वह रूपनगढ़ से घर के लिए रवाना हो रहा है। इसके एक घंटे बाद एंबुलेंस कर्मचारियों से हादसे की सूचना मिली।

रात में जुटे डॉक्टर, 3 घंटे चला ऑपरेशन

सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार बुनकर ने बताया कि सूचना मिलते ही सर्जरी विभाग से डॉ. कल्पना, डॉ. कुश, डॉ. भूपेंद्र, एनेस्थिसिया से डॉ. नीना जैन, डॉ. वीना ठाडा, डॉ. रतन, सीटीवीएस सर्जन डॉ. सर्वेश्वर शर्मा, ऑर्थोपेडिक से डॉ. सुमित अस्पताल पहुंच गए और मरीज को बिना किसी मूवमेंट के ऑपरेशन थिएटर तक लाया गया। रात करीब 3 बजे से ऑपरेशन शुरू हुआ, जो सुबह 6 बजे तक चला। डॉ. बुनकर ने बताया कि मरीज अब बिल्कुल ठीक है। सर्जिकल आईसीयू में वह डॉक्टर्स की देखरेख में है।

जेएलएन अस्पताल में तीन घंटे आपरेशन के बाद राड को निकाल लिया गया।

ओवरटेक के प्रयास में कार को घसीटते हुए ले गया ट्रक

हनुमानगढ़ मेगा हाइवे स्थित कालीडूंगरी के पास रात सवा 12 बजे कार को एक ट्रक ओवरटेक कर रहा था। इसी दौरान ट्रक के सामने एक दूसरा ट्रक और आ गया। इस चक्कर में ट्रक चालक ने साइड दबाई और पास ही चल रही कार को साइड से टक्कर मारते हुआ ट्रक कार को घसीटता गया। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रक की साइड में निकला हुआ लोहे का एंगल कार चालक कमल प्रजापत के कंधे में घुस गया। लोहे का एंगल आर-पार हो गया। कमल लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा रहा। सूचना पर गांधीनगर और रूपनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई, 108 एंबुलेंस ने उसे यज्ञनारायण अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से जेएलएन रेफर कर दिया गया।

हाथ को चीरते हुए कंधे से पार हुआ रॉड, तीन घंटे ऑपरेशन के बाद बची मरीज की जान
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