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बेटियों के नाम से लगने थे पांच हजार पौधे, उद्यान में उग आई झाड़-झंखाड़

विकास टिंकर | मदनगंज-किशनगढ़ राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में पिछले दो साल में एक भी बेटी ने जन्म नहीं लिया या फिर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 13, 2018, 04:45 AM IST

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    विकास टिंकर | मदनगंज-किशनगढ़

    राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में पिछले दो साल में एक भी बेटी ने जन्म नहीं लिया या फिर उनके जन्म पर अभिभावकों व सरकार को खुशी व गौरव का कोई अहसास नहीं हुआ?

    यह सवाल इसलिए पूूछा जा रहा है कि सरकार ने बेटी के जन्म पर गौरव का अहसास दिलाने आैर जन्म का उत्सव मनाने के लिए दो साल पहले सरकारी अस्पतालों में बेटी गौरव उद्यान विकसित करने का निर्णय किया था और विधायक भागीरथ चाैधरी ने पहला पौधा लगाकर योजना का शुभारंभ किया था। राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में प्रतिदिन पांच से सात बेटियां जन्म लेती हैं इस हिसाब से दो साल में पांच हजार से ज्यादा कन्याआें ने जन्म लिया होगा लेकिन बालिका गौरव उद्यान में एक-दो पौधे ही नजर आ रहे हैं। उनमें विधायक भागीरथ चौधरी के हाथ से लगा पौधा भी शामिल है। बेटी जन्म और पर्यावरण दोनों को जोड़ने वाली इस अनूठी योजना का यह हश्र देखकर विधायक चौधरी भी चकित रह गए।

    गौरतलब है कि उदयपुर में एक स्वयंसेवी संस्था की ओर से लगाए गए बेटी गौरव उद्यान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने भी यह योजना लागू की थी। योजना के तहत अस्पताल में बेटी का जन्म हाेने के बाद उसके नाम से परिजन एक पौधा बेटी गौरव उद्यान में लगाएंगे। उस पर बाकायदा बेटी के जन्म की तिथि के साथ उसका नाम भी अंकित किया जा रहा है। इसके बाद बेटी के जन्म दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन कर पौधे की विशेष ढंग से सार-संभाल की जाती है।

    राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल मे एक 1 जून 2016 को राजश्री योजना के साथ ही इसका शुभारंभ किया गया था लेकिन अस्पताल में ब्लड बैंक और ट्रोमा के पीछे की ओर बने बेटी गौरव उद्यान मे चारों ओर गंदगी पसरी हुई है। उद्यान में प्लास्टिक के डिस्पोजेबल गिलास भरे हुए हैं। ना साफ-सफाई की जा रही है और ना ही पौधे लगाए जा रहे है जबकि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 15 प्रसव में से करीब पांच से आठ बेटियां जन्म लेती है। लेकिन उनके नाम पर पौधे नहीं लगाए जा रहे। कर्मचारी एक दूसरे पर जिम्मेदारियां डालते नजर आते हैं।

    राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में बेटी जन्म पर पौधरोपण की योजना उपेक्षा का शिकार, दो साल में अस्पताल में हजारों बेटियों ने लिया जन्म मगर एक भी नया पौधा नहीं लगा

    किशनगढ़. राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में बेटी गौरव उद्यान में नजर आ रहे है महज एक दो पौधे, वे भी विधायक ने लगाए थे।

    पौधे लगे नहीं, सार-संभाल होगी

    अस्पताल प्रशासन इस योजना को लेकर कितना गंभीर है इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि वे अब पौधों की सार-संभाल के लिए भामाशाह ढूंढ रहे हैं। सवाल यह भी है कि जब बेटियों के नाम से पौधे लगाए ही नहीं गए तो सार-संभाल किसकी होगी?

    क्या कहते हैं जिम्मेदार ?

    भामाशाह ढूंढ रहे हैं...

    ऐसी बात नहीं है पहले पौधे लगाए थे। लेकिन सार संभाल नहीं हो पा रही। इसी कारण जल गए। अब भामाशाह देख रहे है जो उद्यान पर नियमित सार संभाल, पानी पिला सके। इसके अलावा मैं खुद दिखवा रहा हूं। स्टाफ को नोटिस दिए जाएंगे। डॉ. नरेश मित्तल, पीएमओ, यज्ञनारायण अस्पताल

    नहीं लगाए ? दिखवाता हूं...

    बालिका के जन्म पर ‘बेटी गौरव उद्यान’ में पौधे लगाए जाने है। पौधे लगाने सेे बालिका संरक्षण, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश मिलता है लेकिन सरकारी अस्पताल में पौधे नहीं लगाए जा रहे तो मैं दिखवाता हूं। भागीरथ चौधरी, विधायक, किशनगढ़

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