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आम को न सही खास को रास आ रहा है किशनगढ़ एयरपोर्ट

नवनिर्मित किशनगढ़ एयरपोर्ट आम लोगों के भले कुछ काम न आ रहा हो, मगर खास लोगों ने इसका भरपूर फायदा उठना शुरू कर दिया...

Danik Bhaskar | Jun 15, 2018, 04:45 AM IST
नवनिर्मित किशनगढ़ एयरपोर्ट आम लोगों के भले कुछ काम न आ रहा हो, मगर खास लोगों ने इसका भरपूर फायदा उठना शुरू कर दिया है। अक्टूबर में एयरपोर्ट की शुरुआत से लेकर अब तक एयरपोर्ट पर कुल 96 बार लैंडिंग हुई है, जिनमें से 62 बार विमान यहां या तो किसी वीआईपी को लेकर उतरा है, या फिर किसी औद्योगिक घरानों के खास लोगों को।

मजेदार बात यह है कि इतने सारे वीआईपी के लिए काम आने वाले यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े वीआईपी अर्थात् राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद के विमान की लैंडिंग के लिए काम नहीं आ सका। किशनगढ़ एयरपोर्ट पर पिछले आठ माह के दौरान अब तक कुल 34 बार यात्री विमान लैंड हुआ है। यह सभी लैंडिंग्स सुप्रीम एयरलाइंस के किशनगढ़-उदयपुर 9 सीटर विमान की हैं। इस विमान के फेरे अब यहां पूरी तरह बंद हो चुके हैं। 1 दिसंबर से शुरू हुए सुप्रीम एयरलाइंस के 9 सीटर विमान में किशनगढ़ से उदयपुर 50 यात्री आैर उदयपुर से किशनगढ़ 25 यात्रियों ने किया हवाई सफर किया है। इन वीआईपी विमानों ने इस अर्से के दौरान किशनगढ़ एयरपोर्ट को जीवित साबित करने का ही प्रयास नहीं बल्कि यहां तैनात महंगे-महंगे अधिकारियों को भी अपनी मौजूदगी का औचित्य साबित करने का मौका दिया है। सरकार के निर्देश पर एयरपोर्ट प्रशासन ने इन वीआईपी मूवमेंट के दौरान पूरी मुस्तैदी दिखाई है।

खास लोगों को आ रहा रास किशनगढ़ एयरपोर्ट। अजय देवगन के साथ एयरपोर्ट प्रशासन के लोग आैर सुरक्षाकर्मी। (फाइल फोटो)

राष्ट्रपति के काम नहीं आ सका एयरपोर्ट

बड़ा होने के कारण राष्ट्रपति कोबिंद का विमान नहीं कर सका था लैंडिंग | राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद सपरिवार 14 मई को अजमेर यात्रा पर पहुंचे थे। लेकिन राष्ट्रपति का विशेष विमान किशनगढ़ एयरपोर्ट पर लैंड कराने के लिए एयरपोर्ट अधिकारियों ने असमर्थता जाहिर की थी। राष्ट्रपति जिस विमान में आए थे, वो बड़े विमानों की श्रेणी में आता है आैर किशनगढ़ एयरपोर्ट फिलहाल बड़े विमानों की लैंडिंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इस वजह से राष्ट्रपति का विमान जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था।

ये वीआईपी उतरे एयरपोर्ट पर




इनका नंबर कब आएगा ?

जब एयरपोर्ट बनकर तैयार हुआ था, उसी समय एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा शुभारंभ के समय सबसे पहले उन बच्चों को विमान में सफर कराने के लिए कहा गया था जिनके माता-पिता ने दिन-रात मजदूरी कर एयरपोर्ट निर्माण में खून पसीना बहाया है। इस पर सहमति हो गई थी, विमान कंपनियों ने भी हामी भर दी थी। बाद में महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल ने कुछ बच्चियों को विमान में सफर कराने का वादा किया था। लेकिन शुभारंभ के करीब 9 माह गुजरने जा रहे हैं लेकिन अब तक न तो मजदूरों के बच्चों को आैर न ही बच्चियों को विमान यात्रा करवाई गई। बच्चों का एयरपोर्ट प्रशासन से सवाल है कि - हवाई सफर के लिए उनका नंबर कब आएगा?